उत्तम नगर झड़प: एमसीडी ने एक आरोपी के घर के ‘अवैध हिस्सों’ को गिराया

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उत्तम नगर झड़प: एमसीडी ने एक आरोपी के घर के ‘अवैध हिस्सों’ को गिराया

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 10:42 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 10:42 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) एमसीडी के अधिकारियों ने उत्तम नगर में होली पर हुई झड़प के मामले में एक आरोपी के घर के अवैध हिस्सों को रविवार को गिरा दिया। इस झड़प में 26 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई थी।

पीड़ित परिवार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने समेत घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, एमसीडी अधिकारियों की एक टीम बुलडोजर लेकर जेजे कॉलोनी इलाके में पहुंची और आरोपी उमरदीन के पिता निजामुद्दीन के घर के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया।

चार मार्च की घटना के बाद से तनावपूर्ण माहौल वाले इस इलाके में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भारी संख्या में तैनात किया गया है।

आरोपियों के खिलाफ की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इलाके को घेर लिया और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी कार्रवाई देखने के लिए आसपास एकत्र हो गए।

हालांकि, नगर निगम ने इस कार्रवाई पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन नगर निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह नालियों पर बने अतिक्रमणों को हटाने के लिए चलाए जा रहे एक नागरिक अभियान का हिस्सा है, जो पानी के बहाव में बाधा डालते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले मानसून के मौसम के मद्देनजर यह अभियान चलाया गया।

पुलिस उपायुक्त (द्वारका) कुशल पाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।

होली के दौरान दो परिवारों के बीच हुए झगड़े में तरुण (26) की हत्या के सिलसिले में इमरान उर्फ ​​बंटी (38) को रविवार को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उमरदीन (49), जुम्मदीन (36), कमरुद्दीन (36), मुस्ताक (46), मुजफ्फर (25) और ताहिर (18) के रूप में हुई है, जबकि इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान के बाद इस मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, घनी आबादी वाले जेजे कॉलोनी इलाके में होली के दौरान तरुण के परिवार की एक लड़की द्वारा फेंके गए गुब्बारे का पानी पड़ोसी परिवार की एक महिला पर पड़ने के बाद हिंसा भड़क उठी।

मामूली कहासुनी जल्द ही दोनों परिवारों के सदस्यों और उनके समर्थकों के बीच हिंसक झड़प में बदल गई।

पुलिस ने बताया कि दोनों परिवार लगभग पांच दशकों से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी इलाके में पार्किंग और कचरा निपटान जैसे मुद्दों को लेकर उनके बीच विवाद होते रहते थे।

हिंसक झड़प के दौरान किये गए हमले में तरुण को जानलेवा चोटें आईं। इस हत्या से निवासियों में आक्रोश फैल गया और शुक्रवार को आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ में आग लगा दी। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

उपायुक्त ने कहा, ‘‘क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कंपनियों को तैनात किया गया है, साथ ही दिल्ली पुलिस के पश्चिमी रेंज से अतिरिक्त बल भी बुलाए गए हैं, जिनमें बाहरी और पश्चिमी जिलों के कर्मी भी शामिल हैं।’’

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रभावी निगरानी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र को जोन, सेक्टर और उप-सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘जोन की निगरानी द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कर रहे हैं, जबकि सेक्टर सहायक पुलिस आयुक्तों की देखरेख में हैं। उप-सेक्टर की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं जिनमें थाना प्रभारी भी शामिल हैं।”

पुलिसकर्मी इलाके की गलियों में गश्त करते और लाउडस्पीकरों से घोषणाएं करते हुए निवासियों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते नजर आए।

अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सामुदायिक सद्भाव या कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस टीम सोशल मीडिया पोस्ट पर भी नजर रख रही हैं।

इस बीच, नगर निगम द्वारा चलाए गए तोड़फोड़ अभियान पर निवासियों और पीड़ित परिवार की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

पीड़ित तरुण के पिता मेमराज ने कहा कि घर गिराने से उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा और उन्होंने मामले की गहन जांच कराने की मांग की।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे पता चला है कि निजामुद्दीन के घर का कुछ हिस्सा आज गिरा दिया गया है। उन्होंने मेरे बेटे को मार डाला। उनका घर गिराने से न्याय नहीं मिलेगा।’’

मेमराज ने मांग की कि मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया जाए, ताकि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सजा दी जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोगों से निपटना जरूरी है जो किसी को भी मार सकते हैं। मैं सरकार से अपील करता हूं कि इस मामले की सीबीआई जांच की घोषणा करे, ताकि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।’’

पीड़ित के चचेरे भाई ने भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और पूरी घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार अब तक की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इलाके में एकत्र हुए कुछ प्रदर्शनकारियों ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त की और हमले में शामिल लोगों के लिए कठोर सजा की मांग की।

इनमें से कुछ ने कहा कि हिंसक अपराधों को रोकने के लिए ऐसे मामलों में मृत्युदंड दिया जाना चाहिए।

कुछ स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों के अनुसार, हमले में लगभग 20 से 25 लोग शामिल थे। हालांकि, पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।

मृत युवक के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कई आरोपी मौके से भाग गए और सवाल किया कि पुलिस उन्हें कब तक पकड़ेगी। कुछ निवासियों ने पीड़ित के लिए न्याय की मांग करते हुए उत्तम नगर पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।

उत्तम नगर में तनावपूर्ण स्थिति ने लोगों के दैनिक जीवन को भी प्रभावित किया है। घटना के बाद से इलाके के बाजार और दुकानें ज्यादातर बंद हैं और निवासियों ने माहौल को कोविड-19 के दौरान के लॉकडाउन जैसा बताया।

रमजान के महीने में ईद से पहले कारोबार में तेजी आने पर आमतौर पर गुलजार रहने वाले इस इलाके में आज सड़कें सुनसान दिखीं और दुकानें बंद रहीं।

सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाने वाले और शाम के समय आने वाली भीड़ पर निर्भर रहने वाले छोटे विक्रेता भी पाबंदियों और तनावपूर्ण माहौल से प्रभावित हुए हैं।

निवासियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और कई गलियों में बैरिकेड लगाए जाने के कारण लोग बाजारों में आने से कतरा रहे हैं।

कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि मोहल्ले के लोग दशकों से सद्भाव से एक साथ रह रहे हैं और इस घटना को सांप्रदायिक रंग देना गलत है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘दो परिवारों के बीच हुई दुर्भाग्यपूर्ण झड़प का इस्तेमाल इलाके में वर्षों से कायम सामुदायिक सद्भाव को भंग करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।’’

हालांकि, तनाव अब भी व्याप्त है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कुछ राजनीतिक नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह के प्रतिबंध इसलिए जरूरी थे, ताकि बड़ी सभाओं को रोका जा सके, जिनसे इलाके में तनाव और बढ़ सकता था।’’

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की।

सूत्रों ने बताया कि कुछ हिंदू राजनीतिक संगठनों ने इस घटना पर चर्चा करने और पीड़ित के लिए न्याय की मांग करने के लिए एक महासभा बुलाई है।

पुलिस ने कहा कि इलाके में होने वाली किसी भी तरह की सभा या बैठक पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, ताकि शांति बनी रहे। पुलिस ने कहा कि अफवाहें फैलाने या हिंसा भड़काने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि हत्या की जांच फिलहाल जारी है और हमले में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप