एटा, 19 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कोतवाली नगर इलाके में सोमवार को तीन महिलाओं सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों की उनके घर में हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना का पता अपराह्न करीब दो बजे उस समय चला जब देवांश नाम का बच्चा स्कूल से घर लौटा और उसने घर में सन्नाटा पसरा देखा। पुलिस के मुताबिक, ठंड के बावजूद ऊपर के कमरे में छत का पंखा चल रहा था और उसी कमरे में लड़के ने शव देखे और शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसी घर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान डॉ. गंगा सिंह (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65), उनकी पोती ज्योति (23) और बहू रत्ना देवी (43) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, डॉ. सिंह का शव भूतल पर एक पलंग के ऊपर मिला, रत्ना देवी का शव पहली मंजिल पर पलंग के ऊपर मिला जबकि ज्योति और श्यामा देवी के शव फर्श पर पड़े मिले।
पुलिस के पहुंचने पर श्यामा देवी जीवित थीं और उन्हें सिर में गंभीर चोटों के कारण एटा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच से पता चला कि हमलावरों ने हमला करने के लिए ईंट का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से खून से सनी एक ईंट बरामद की गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आगरा जोन) अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस उपमहानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) प्रभाकर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया।
फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
कुलश्रेष्ठ ने बताया कि पुलिस घर के प्रवेश और निकास मार्गों व अन्य सबूतों का विश्लेषण कर रही है।
उन्होंने बताया, “पुलिस उपमहानिरीक्षक की देखरेख में तीन से चार टीमें गठित की गई हैं। जांच में प्रगति हो रही है और हमें जल्द ही सुराग मिलने की उम्मीद है।”
पुलिस ने बताया कि घर में ज्योति की शादी की तैयारियां चल रही थीं।
ज्योति की शादी फरवरी में होनी थी।
उसके पिता कमल सिंह एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे।
प्रारंभिक जांच में लूटपाट का कोई संकेत नहीं मिला।
पुलिस ने बताया कि परिवार के सदस्यों के मुताबिक उन्हें किसी तरह की दुश्मनी या विवाद की जानकारी नहीं थी और हत्या के पीछे के मकसद के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और इलाके के कई लोगों को पूछताछ के लिए कोतवाली थाने ले जाया गया।
इस खबर के लिखे जाने तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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