देहरादून, 15 मई (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून जिले में लापता हुई एक युवती के परिजनों को उसकी मौत की पुष्ट खबर के लिए आठ महीने का लंबा इंतजार करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हथिनीकुंड बैराज से बरामद एक कंकालनुमा शव की सूचना दी, जिसके डीएनए परीक्षण की रिपोर्ट के साथ परिवार का यह इंतजार खत्म हुआ।
पुलिस ने बताया कि पिछले साल 16 अक्टूबर को हथिनीकुंड बैराज से बरामद हुई बिना सिर और हाथ-पैर की लाश के डीएनए परीक्षण में उसकी शिनाख्त रिया कश्यप (22) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, रिया सितंबर 2025 में विकासनगर क्षेत्र के जीवनगढ़ से लापता हो गयी थी।
पुलिस ने बताया कि रिया की गुमशुदगी और हत्या के आारोप में इलेक्ट्रॉनिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी शहबाज समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, युवती का शव बरामद होने और उसकी शिनाख्त होने के बाद अब आरोपियों को संदेह का लाभ मिलने की संभावना समाप्त हो गयी है और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए अदालत में अधिक प्रभावी ढंग से पैरवी की जा सकेगी।
सात सितंबर 2025 को रिया के लापता होने के बाद उसके पिता गोपाल ने विकासनगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी और उन्होंने विकासनगर क्षेत्र के ढकरानी गांव के रहने वाले शहबाज पर उनकी बेटी को परेशान करने व उसे अगवा करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
रिया के कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी कैमरों के विश्लेशषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शहबाज को गिरफ्तार किया गया, जिसने सख्ती से पूछताछ में स्वीकार किया कि वह रिया को जानता था और शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने पर वह उसे बहला-फुसला कर कुल्हाल क्षेत्र लाया और वहां गला घोंटकर कथित रूप से उसकी हत्या करने के बाद शव को शक्ति नहर में फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि शहबाज ने घटना में ढकरानी निवासी अपने एक दोस्त फैजान व एक अन्य नाबालिग की संलिप्तता की जानकारी भी दी और उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास से रिया की चुन्नी भी बरामद की गई।
पुलिस ने इसके बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103/238/61(1) को जोड़ते हुए फैजान को गिरफतार कर लिया जबकि नाबालिग को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक, रिया की तलाश के लिए लगातार कई दिनों तक शक्ति नहर व उसके आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और उसके न मिलने पर आसपास के जिलों के थानों में भी सूचना भेजी गयी।
पुलिस को शक था कि रिया का शव शक्ति नहर से बहकर यमुना नदी में चला गया होगा जो बाद में सही साबित हुआ।
सहारनपुर के मिर्जापुर थाने से 16 अक्टूबर 2025 को हथिनीकुंड बैराज से एक सड़ा-गला कंकालनुमा शव मिलने की जानकारी मिलने पर युवती के परिजन वहां पहुंचे लेकिन शव के कंकाल में तब्दील होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पायी।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद शव और युवती के माता-पिता का डीएनए नमूना लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, जहां से 12 मई को मिली रिपोर्ट से उसकी शिनाख्त रिया के रूप में हुई।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
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