देहरादून, छह मई (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का निजी सचिव बनकर कांग्रेस नेताओं से करोड़ों रुपए की कथित ठगी करने के लिए देहरादून में गिरफ्तार किये गये 42 वर्षीय आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी ।
उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ के लिए पंजाब में अमृतसर के रहने वाले आरोपी गौरव कुमार को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी सहयोगी कनिष्क सिंह बनकर देशभर के कई कांग्रेस नेताओं को चुनाव में टिकट या पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपए की कथित तौर पर ठगी की।
देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “गिरफ्तार आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हम उसे पुलिस रिमांड में लेने के लिए अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि मामले की जांच की जा सके।”
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब कांग्रेस नेता भावना पांडे ने तीन मई को राजपुर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव बताते हुए पार्टी में एक सर्वेक्षण कराने तथा पार्टी में उन्हें महत्वपूर्ण पद दिलाने के नाम पर उनसे 25 लाख रुपये ठग लिए।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपी ने देहरादून के एक होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में होने का नाटक करते हुए उन्हें फोन पर उनकी आवाजें भी सुनाईं।
भावना ने विश्वास करते हुए उसे रकम का भुगतान कर दिया, जिसे लेने के लिए आरोपी का एक सहयोगी उनके घर गया था हालांकि रुपये मिलने के बाद आरोपी ने उनका फोन उठाना बंद कर दिया।
शिकायतकर्ता ने शक होने पर पुलिस में शिकायत की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गयी।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी निगरानी और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी को जाखन क्षेत्र स्थित पैसेफिक मॉल के पास सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने गूगल के माध्यम से राहुल गांधी के करीबी कनिष्क सिंह के बारे में जानकारियां जुटाईं और इसके बाद उसने ‘ट्रू-कॉलर’ एप पर कनिष्क सिंह के नाम से एक फर्जी आईडी बनाई व उसके बाद ‘माई नेता डॉट काम’ वेबसाइट पर जाकर कांग्रेस से जुडे पूरे देश के वरिष्ठ नेताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने पंजाब के ही रहने वाले अपने तीन अन्य साथियों छज्जू, रजत मदान व मनिंदर सिंह कालू के साथ मिलकर कई नेताओं से ठगी की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने 2017 में राजस्थान के जयपुर में दो नेताओं को विधायक का टिकट दिलवाने की एवज में उनसे 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपए लिए।
पुलिस ने बताया कि इसके अतिरिक्त 2025 में भी आरोपी ने बिहार के पटना में एक नेता को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने के लिए तीन लाख रुपये लिए।
जांच अधिकारी सूरज सिंह ने बताया कि राजनीति में रूचि रखने वाला आरोपी एक आदतन अपराधी है, जिसकी आर्थिक पृष्ठभूमि कमजोर है।
उन्होंने बताया कि आरोपी शादी शुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि गिरोह ने कांग्रेस की प्रदेश इकाई की एक अन्य नेता सोनिया आनंद रावत से भी संपर्क कर उसे पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए मांगे थे।
उन्होंने बताया कि कि पुलिस इस दावे की सत्यता के बारे में पता करने का प्रयास कर रही है।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
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