रुद्रपुर, 10 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार करते हुए आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध संपर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने बताया कि जम्मू कश्मीर तक अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले इन संदिग्ध तस्करों से गहन पूछताछ जारी है तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व बैंकिंग ट्रेल के माध्यम से पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि तस्करों की पहचान सितारगंज के रहने वाले हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी तथा निखिल वर्मा उर्फ रानू के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 27 वर्ष है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को सिडकुल फेस दो में जांच के दौरान पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक संयुक्त टीम ने कच्चे रास्ते पर जा रही एक बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की स्विफ्ट कार को संदेह के आधार पर रोका जिसमें आरोपी पांच अवैध असलहे और भारी मात्रा में कारतूस लेकर जा रहे थे।
गणपति ने बताया कि हनी और रानू के कब्जे से दो राइफल, दो तमंचे, एक रिवॉल्वर तथा 344 कारतूस बरामद हुए।
एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन अवैध असलहों को चोरगलिया के जंगलों में छिपाने के लिए ले जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में जिले के पुलभट्टा निवासी इंद्रजीत संधू व पवन संधू के नाम प्रकाश में आए हैं जिनके माध्यम से हथियारों की तस्करी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि इन्हें पकड़ने के लिए भी दबिश दी जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों का आपराधिक इतिहास होने तथा इनके खिलाफ पहले भी शस्त्र अधिनियम में मामले दर्ज होने की बात सामने आयी। उन्होंने बताया कि पूछताछ में यह भी पता चला कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘अल बद्र’ के जम्मू कश्मीर के शोपियां निवासी एक ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ (ओजीडब्लू) रेहान मीर उर्फ इरफान मीर को भी इन लोगों ने 2021 में हथियारों की आपूर्ति की थी।
‘ओवरग्राउंड वर्कर’ प्रत्यक्ष रूप से हथियार नहीं उठाते लेकिन आतंकवादी संगठनों को रसद, आश्रय, नकदी, और खुफिया जानकारी (सुरक्षा बलों की हलचल) मुहैया कराकर जमीनी स्तर पर मदद करते हैं।
गणपति ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल नंबरों तथा बैंक खातों की पड़ताल से यह भी सामने आया है कि रेहान सहित जम्मू कश्मीर के विभिन्न बैंक खातों से पैसो का लगातार संदिग्ध लेनदेन हो रहा था।
उन्होंने बताया कि रेहान और हनी पर दिल्ली विशेष प्रकोष्ठ में भी एक मामला दर्ज है जिसमें दोनों वांछित हैं।
एसएसपी ने बताया कि रेहान के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है तथा जम्मू कश्मीर पुलिस एवं दिल्ली पुलिस से भी संपर्क साधा गया है। उन्होंने बताया कि आतंकी वित्तपोषण व अवैध हथियार तस्करी के संदिग्ध नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
गणपति ने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नेटवर्क की तह तक पहुंचने तथा उसके हर सदस्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तक अभियान जारी रहेगा।
भाषा सं दीप्ति सुरभि
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