त्रिशूर, 20 फरवरी (भाषा) सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने एक प्रभारी विशेष ग्राम अधिकारी को आरओआर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पथनमथिट्टा के चित्तर का निवासी आरोपी विनोद एन पी, कडिक्कड़ कार्यालय का प्रभारी विशेष ग्राम अधिकारी है।
सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता के दादा ने 1975 में कडिक्कड़ गांव में 98 सेंट्स जमीन ली थी।
लगभग एक महीने पहले, शिकायतकर्ता के पिता ने जमीन को अपने नाम पर स्थानांतरित करने के लिए अधिकार अभिलेख प्रमाणपत्र हेतु आवेदन किया था।
जब वे इस मामले की जानकारी लेने के लिए ग्राम कार्यालय पहुंचे, तो अधिकारी ने कथित तौर पर तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए आवेदन की प्रक्रिया के लिए रिश्वत के तौर पर तीन लाख रुपये की मांग की। उन्होंने रिश्वत देने में असमर्थता जताई और वहां से चले गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पिता 19 फरवरी को फिर से अधिकारी से मिले और राशि में कमी की गुहार लगाई। आरोप है कि अधिकारी ने 2.5 लाख रुपये की मांग की और उन्हें 20 फरवरी को शाम चार बजे से पहले यह रकम उनकी सीट के पीछे रखने का निर्देश दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने त्रिशूर स्थित वीएसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और अधिकारी को पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे त्रिशूर स्थित सतर्कता न्यायालय में पेश किया जाएगा।
भाषा तान्या पवनेश
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