वैष्णव ने बंगाल में रेलवे परियोजनाओं में अवरोध के लिए तृणमूल सरकार को दोषी ठहराया

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वैष्णव ने बंगाल में रेलवे परियोजनाओं में अवरोध के लिए तृणमूल सरकार को दोषी ठहराया

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  • Publish Date - June 6, 2026 / 04:54 PM IST,
    Updated On - June 6, 2026 / 04:54 PM IST

कोलकाता, छह जून (भाषा) केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कई रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के “सहयोग की कमी” के कारण वर्षों से ठप पड़ी थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के दृष्टिकोण में बदलाव के बाद अब काम में तेजी लाई जाएगी।

राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक बैठक के दौरान, वैष्णव ने दावा किया कि तृणमूल शासन के तहत बंगाल में रेलवे परियोजनाओं को अनुमतियों, भूमि मुद्दों और कानूनी चुनौतियों को लेकर बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ा है, जिसे उन्होंने विकास विरोधी करार दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए अगली पीढ़ी की साठ ट्रेनें शुरू की जाएंगी।

वैष्णव ने दावा किया, “पिछली सरकार ने विकास के सभी रास्तों को अवरुद्ध कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास बंगाल के लिए योजनाएं हैं, और यह राज्य में रेलवे परियोजनाओं के लिए आवंटित 14,205 करोड़ रुपये से स्पष्ट है। संप्रग सरकार के तहत बंगाल को केवल 4,000 करोड़ रुपये मिले थे।”

हाल के वर्षों में मेट्रो रेल विकास की गति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से विस्तार कार्य में काफी तेजी आई है।

उन्होंने कहा, “42 वर्षों में कोलकाता मेट्रो का केवल 28 किलोमीटर का काम पूरा हुआ। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद परियोजनाओं में तेजी लाई गई। 12 वर्षों में कोलकाता मेट्रो का 45 किलोमीटर और विस्तार हो गया। इसे कहते हैं विकास कार्य।”

वैष्णव ने आरोप लगाया कि पहले तो सामान्य मंजूरी में भी देरी हुई, जिससे मेट्रो और रेलवे के महत्वपूर्ण कार्यों पर असर पड़ा।

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से, टीएमसी सरकार ने हमें कई परियोजनाओं के लिए अनुमति नहीं दी। कुछ मामलों में तो वे अदालतों में भी चले गए।”

उन्होंने कोलकाता मेट्रो लाइनों के चिंगरीघाटा खंड में लंबे समय तक होने वाली देरी को उदाहरण के रूप में उद्धृत किया।

वैष्णव ने कहा, “चिंगरीघाटा में कोलकाता मेट्रो परियोजना के लिए, हमने कोलकाता पुलिस की सलाह के अनुसार योजना बनाई थी। इसके बावजूद, टीएमसी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और बाद में उच्चतम न्यायालय का रुख किया। वे यात्रियों को मेट्रो रेल का लाभ नहीं मिलने देना चाहते थे।”

उन्होंने कहा, “मैंने संसद में कहा था कि टीएमसी विकास विरोधी है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले महीने राज्य में पहली भाजपा सरकार बनने के बाद स्थिति में बदलाव आना शुरू हो गया, जिससे लंबित कार्यों का तेजी से निष्पादन संभव हो सका।

वैष्णव ने कहा, “अब जब बंगाल में बदलाव आ चुका है, तो प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को साकार करना हमारी जिम्मेदारी बन गई है और हम मिलकर काम करेंगे।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि काफी समय से लंबित प्रक्रियात्मक अड़चनें दूर की जा रही हैं।

उन्होंने कहा, “अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), जो केवल कागजी कार्रवाई थी, पिछली सरकार द्वारा रोक दी गई थी। वह समस्या अब हल हो गई है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याएं भी सुलझने लगी हैं।”

वैष्णव ने कहा कि रेल मंत्रालय अब राज्य सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचागत कार्यों को पूरी गति से आगे बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा, “हम परियोजनाओं को पूरी गति से आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री उत्सुक और बहुत सहयोगी हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में आए चुनाव परिणामों के बाद फोन पर हुई बातचीत में अधिकारी ने रेलवे परियोजनाओं के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया था।

वैष्णव ने कहा कि राज्य में रेलवे विकास कार्यों में अब तेजी लाई जाएगी, जिसमें स्टेशन पुनर्निर्माण और नई सेवाओं की शुरुआत शामिल है।

उन्होंने कहा, “102 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।”

केंद्रीय मंत्री ने राज्य में प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के विस्तार पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, “वंदे भारत शयनयान ट्रेन और अमृत भारत ट्रेन की शुरुआत सबसे पहले पश्चिम बंगाल में हुई थी। आज बंगाल में नौ वंदे भारत एक्सप्रेस (सामान्य/सीटर) ट्रेनें और एक वंदे भारत एक्सप्रेस (शयनयान) ट्रेन चल रही हैं, साथ ही 13 अमृत भारत ट्रेनें भी हैं।”

आज सुबह शहर पहुंचने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कोलकाता मेट्रो ट्रेन में यात्रा करके आए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अगले पांच वर्षों में, कोलकाता मेट्रो के लिए अगली पीढ़ी की 60 ट्रेनें शुरू की जाएंगी। आज मैंने कोलकाता मेट्रो में सफर किया। हम इसमें बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। इससे कोलकाता और आसपास के इलाकों को बहुत फायदा होगा।”

मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन सेवाओं का उद्देश्य यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये हाई-स्पीड कॉरिडोर सिलीगुड़ी को नयी दिल्ली से मात्र छह घंटे में जोड़ देंगे।’’

भाषा प्रशांत वैभव

वैभव