उत्तम कुमार की जन्मशती पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

उत्तम कुमार की जन्मशती पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

उत्तम कुमार की जन्मशती पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
Modified Date: September 3, 2026 / 01:42 pm IST
Published Date: September 3, 2026 1:42 pm IST

कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बांग्ला फिल्मों के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि देते कहा कि राज्य सरकार उनकी जन्मशती वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाएगी।

मुंख्यमंत्री ने टॉलीगंज में रंजीत मलिक, प्रसनजीत चटर्जी, देव और जीत समेत अन्य अभिनेताओं के साथ मशहूर अभिनेता कुमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कुछ दिनों तक चलने वाले औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा।

अधिकारी ने कहा कि सरकार इसे भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह जितना ही महत्व देगी।

अधिकारी ने फिल्म जगत के दिग्गज की 100वीं जयंती के अवसर पर जुटी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग खुद आए हैं। मुझे उनकी विरासत का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि समारोहों के तहत, राज्य भर में उत्तम कुमार के नाम पर बने संस्थानों का नवीनीकरण और पुनर्निर्माण का काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता नगर निगम के उत्तम मंच का नवीनीकरण किया जाएगा। अभिनेता प्रसनजीत चटर्जी की मदद से राज्यभर में उत्तम कुमार की प्रतिमाओं की तस्वीरे एकत्र की जा रही है।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘कोलकाता में उत्तम कुमार के नाम पर एक संस्थान स्थापित किया जाएगा, जिसकी आधारशिला शुक्रवार सुबह रखी जाएगी।’’

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार भी उत्तम कुमार की जन्मशती के अवसर पर उनकी छवि वाला एक स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी करेगी।

अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 अगस्त को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में करीब पांच मिनट तक उत्तम कुमार के बारे में बात की थी और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अभिनेता को श्रद्धांजलि भी दी।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उत्तम कुमार को ‘‘निर्विवाद महानायक’’ बताते हुए कहा कि उनकी ‘‘बेमिसाल अभिनय की प्रतिभा, सदाबहार आकर्षण और पर्दे पर उनकी सहज मौजूदगी’’ ने सिनेमा को फिर से परिभाषित किया तथा कलाकारों की पीढ़ियों के लिए नए मानक स्थापित किए।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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