Konda Surekha Dismissed: कैबिनेट से हुई इस मंत्री की छुट्टी, सीएम ने खुद किया मंत्रिमंडल से बर्खास्त, इस वजह से हुआ बड़ा एक्शन

कैबिनेट से हुई इस मंत्री की छुट्टी, सीएम ने खुद किया मंत्रिमंडल से बर्खास्त, CM Revanth Reddy Removed Forest Minister Konda Surekha from Cabinet

Konda Surekha Dismissed: कैबिनेट से हुई इस मंत्री की छुट्टी, सीएम ने खुद किया मंत्रिमंडल से बर्खास्त, इस वजह से हुआ बड़ा एक्शन
Modified Date: September 3, 2026 / 04:21 pm IST
Published Date: September 3, 2026 4:08 pm IST

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के बीच यह कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर भी नाराजगी सामने आई थी और पार्टी के कुछ विधायकों ने कोंडा सुरेखा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को सुरेखा को दिल्ली तलब किया था। बैठक में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उप मुख्यमंत्री और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

25 अगस्त को अनुशासन समिति ने सौंपी थी रिपोर्ट

कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की पृष्ठभूमि पहले ही तैयार हो चुकी थी। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दी थी। रिपोर्ट में सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी। अनुशासन समिति ने माना था कि उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ की गई टिप्पणियों से पार्टी और उसके नेतृत्व को नुकसान पहुंचा। समिति के मुताबिक, सुरेखा को अपनी बेटी के बयानों की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पार्टी अनुशासन के उल्लंघन को लेकर सुरेखा पर पहले भी आरोप लग चुके हैं।

कारण बताओ नोटिस का दिया था जवाब

इससे पहले अनुशासन समिति ने कोंडा सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में सुरेखा ने वारंगल जिले के परकाला में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बेटी सुष्मिता की ओर से की गई टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया था।सुरेखा ने अपने जवाब में कहा था कि मुख्यमंत्री के खिलाफ उनकी बेटी की ओर से की गई टिप्पणियों के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने इन टिप्पणियों को अपनी बेटी के निजी विचार बताते हुए अनुशासन समिति से उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस लेने का अनुरोध भी किया था। हालांकि, विवाद थमने के बजाय पार्टी स्तर पर कार्रवाई की स्थिति तक पहुंच गया। दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक के बाद अब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कोंडा सुरेखा को अपने मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया है।

 

 


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।