विपक्ष के उपनेता पद को लेकर एलडीएफ में मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए: मणि

विपक्ष के उपनेता पद को लेकर एलडीएफ में मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए: मणि

विपक्ष के उपनेता पद को लेकर एलडीएफ में मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए: मणि
Modified Date: September 3, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: September 3, 2026 3:26 pm IST

त्रिशूर (केरलम), तीन सितंबर (भाषा) केरल कांग्रेस (मणि) के अध्यक्ष जोस के. मणि ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के मुद्दे पर माकपा और भाकपा के बीच मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की चुनावी हार की गहन समीक्षा किए जाने की जरूरत है।

केरल कांग्रेस (मणि), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत एलडीएफ का तीसरा सबसे बड़ा घटक दल है।

पार्टी के एक कार्यक्रम के तहत आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मणि ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के उपनेता का मुद्दा सार्वजनिक मंच पर चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए, लेकिन इस पर खुले तौर पर चर्चा की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे यह परंपरा का मामला हो या कोई मानदंड तय करने का मुद्दा, इसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। वे जो भी फैसला करेंगे, हमें उस पर कोई आपत्ति नहीं है।’’

मणि ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि यह परिणाम एलडीएफ के खिलाफ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर बड़ी संख्या में लोगों ने एलडीएफ के खिलाफ मतदान किया है तो केवल सतही स्तर पर सुधार करने से काम नहीं चलेगा। हमें इसकी गहराई में जाकर जांच करनी होगी और इसके कारणों को समझना होगा।’’

मणि ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है और एलडीएफ छोड़ने की उसकी कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से निष्कासित किए जाने के बाद केरल कांग्रेस पार्टी एलडीएफ का हिस्सा बनी। एलडीएफ का हिस्सा बनने के बाद वह अब भी एलडीएफ के साथ है। केरल कांग्रेस इसके उतार-चढ़ाव, हार और जीत, हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ी है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।’’

इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनय विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि इस मुद्दे पर दोनों वाम दलों के बीच चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों दलों के महासचिव भी इस मामले पर बातचीत कर सकते हैं।

विश्वम ने कहा कि भाकपा हमेशा एलडीएफ के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ भाकपा की देन है। भाकपा एलडीएफ का एक प्रमुख हिस्सा है।’’

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा


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