बेंगलुरु, 24 जुलाई (भाषा) पशु चिकित्सकों के एक समूह ने पशुपालन एवं मत्स्य विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारी के 400 पदों की भर्ती के लिए कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विधान सौध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की मांग की है।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग ने भर्ती परीक्षा जनवरी 2026 में आयोजित की थी और अंतिम चयन सूची 17 जुलाई को जारी की गई।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई अभ्यर्थियों से बिचौलियों ने संपर्क किया और नियुक्ति दिलाने के बदले 70 लाख से 80 लाख रुपये तक की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ परीक्षाएं रिजॉर्ट में आयोजित की गईं।
शिकायतकर्ताओं ने चयनित कुछ अभ्यर्थियों को मिले अंकों पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि परिणामों से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर संदेह पैदा हुआ है।
उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि अधिक अंक हासिल करने वाले कई अभ्यर्थी कर्नाटक लोक सेवा आयोग में प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के रिश्तेदार हैं।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई सफल अभ्यर्थी स्नातक की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण हुए थे।
यह शिकायत राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा 13 जुलाई को केपीएससी के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहुकार को निलंबित किए जाने के बाद सामने आई है। साहुकार पर अपनी दो बेटियों का औद्योगिक विस्तार अधिकारियों के पद पर अवैध चयन कराने में मदद करने का आरोप है।
भाषा सिम्मी गोला
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