विहिप ने चंपत राय का बचाव किया, कहा- ट्रस्ट ने एसआईटी जांच की मांग की थी

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विहिप ने चंपत राय का बचाव किया, कहा- ट्रस्ट ने एसआईटी जांच की मांग की थी

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 09:46 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 09:46 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने की स्वयं पहल की। संगठन ने दावा किया कि ट्रस्ट ने पहले आंतरिक जांच करायी और उसके बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दिया। विहिप ने यह भी कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में पहली प्राथमिकी भी ट्रस्ट ने ही दर्ज करायी।

विहिप ने आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक पद नहीं छोड़ा, जबकि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़े।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के दो दिन बाद 27 जून को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने ‘एक्स’ पर साझा एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘प्राथमिकी ट्रस्ट की औपचारिक शिकायत पर दर्ज की गई, जिसके बाद मंदिर के चढ़ावे के रखरखाव और गिनती से जुड़े आठ लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया गया।’’

उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से अपने पद छोड़ दिए। कुमार ने कहा, ‘‘चंपत राय जी और अनिल मिश्रा जी ने पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच का मार्ग प्रशस्त करने के लिए स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दिया।’’

उन्होंने जांच का स्वागत करते हुए कहा कि विहिप और ट्रस्ट दोनों चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। उन्होंने कहा, ‘‘ट्रस्ट यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है कि आरोपों की जल्द से जल्द उचित और निष्पक्ष जांच हो।’’

घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने आंतरिक जांच की, कुछ दोषियों की पहचान की और 80 लाख रुपये बरामद किए। इसके तुरंत बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मिलकर एसआईटी गठित करने का आग्रह किया।’’

उन्होंने कहा कि जब एसआईटी ने जांच शुरू की तो चंपत राय ने पूरा सहयोग किया।

कुमार ने कहा, ‘‘जब एसआईटी अयोध्या पहुंची तो चंपत राय जी स्वयं आगे आए और जांच एजेंसी से कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए तथा सबसे पहले उनसे ही पूछताछ की जाए।’’

उन्होंने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही ट्रस्ट ने प्राथमिकी दर्ज करायी।

उन्होंने कहा, ‘‘एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने और उसकी प्रति ट्रस्ट को प्राप्त होने के बाद ट्रस्ट ने सबसे पहला कदम प्राथमिकी दर्ज कराने का उठाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एसआईटी की जांच में जिन आठ लोगों के नाम सामने आए थे, उन्हें प्राथमिकी में शामिल किया गया, जबकि नौवें कॉलम में ‘अन्य’ का उल्लेख किया गया। ट्रस्ट ने व्यापक जांच की भी मांग की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ट्रस्ट ने स्वयं मांग की कि मामले की हर पहलू से जांच हो और सभी आरोपों की गहन पड़ताल की जाए।’’

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘जब यह सवाल उठाया गया कि यदि चंपत राय जी पद पर बने रहे तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं, गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और जांच में बाधा डाल सकते हैं, तब चंपत राय जी और अनिल मिश्रा जी ने तत्काल अपने इस्तीफे सौंप दिए।’’

विपक्षी नेताओं से तुलना करते हुए कुमार ने कहा, ‘‘जब केजरीवाल जी मुख्यमंत्री थे और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उन्हें गिरफ्तार किया गया और उनकी जमानत याचिका भी खारिज हुई। तब उन्होंने कहा था कि वह मुख्यमंत्री रहते हुए जेल से सरकार चलाएंगे, लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया।’’

कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पी. वी. नरसिंह राव और राजीव गांधी का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकारों से जुड़े विवादों के बावजूद उन्होंने भी इस्तीफा नहीं दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी इस्तीफा नहीं दिया।

कुमार ने कहा, ‘‘यही चंपत राय जी और कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के नेताओं के आचरण में अंतर है।’’

भाषा अमित माधव

माधव