विजयन की मीडिया से अपील, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतें

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विजयन की मीडिया से अपील, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतें

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 07:21 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 07:21 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

तिरूवनंतपुरम, पांच मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से संबंधित घटनाओं की रिपोर्टिंग जिम्मेदाराना तरीके से करने और संयम बरतने की बृहस्पतिवार को मीडिया से अपील की।

विजयन ने कहा कि खाड़ी देशों में काम करने वाले बड़ी संख्या में मलयाली और राज्य में रह रहे उनके परिवारों को परेशानी में नहीं डालना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न मीडिया संस्थानों के संपादकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये की गई बैठक के दौरान यह बात कही।

यह बैठक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के माहौल में हुई, जहां लाखों मलयाली प्रवासी कार्यरत हैं।

विजयन ने कहा कि यह मीडिया के लिए ‘‘अत्यंत जिम्मेदारी’’ के साथ काम करने का समय है और उन्होंने जल्दबाजी में अपुष्ट खबर प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने का आग्रह किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल आधिकारिक माध्यम से प्राप्त जानकारी को ही ‘‘खबर’’ माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बढ़ा-चढ़ाकर खबरें प्रकाशित/प्रसारित करने से प्रवासियों के केरल में रहने वाले परिवारों में चिंता पैदा हो सकती है।

विजयन ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और अपुष्ट खबरों को तथ्यों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया संस्थानों से केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने और तथ्य-जांच तंत्र को मजबूत करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की स्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे पहले खबर देने की होड़ में, तथ्यात्मक त्रुटियां नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों या आगजनी जैसी घटनाओं को नाटकीय या अत्यधिक भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने से भी बचने की सलाह दी और कहा कि इस तरह की कवरेज अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती है।

विजयन ने कहा, ‘‘रिपोर्टिंग के तरीके से भय को नहीं बढ़ाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि भयावह दृश्य और भाषा राज्य में प्रवासी परिवारों के बीच तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने संतुलित और संयमित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले मलयाली लोगों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए।

उन्होंने संपादकों से आग्रह किया कि वे सूचना की पुष्टि सुनिश्चित करें और खबरों को संवेदनशीलता के साथ जारी करें।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश