विजय के दो सीट से चुनाव लड़ने के निर्णय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व को ‘हाई-प्रोफाइल’ बनाया

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विजय के दो सीट से चुनाव लड़ने के निर्णय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व को ‘हाई-प्रोफाइल’ बनाया

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 01:23 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 01:23 PM IST

चेन्नई, 15 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभिनेता- राजनेता विजय द्वारा चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व दो सीट से चुनाव लड़ने के विकल्प को चुनने के बाद ये दोनों सीट ‘हाई-प्रोफाइल’ निर्वाचन क्षेत्र बन गईं हैं।

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय, एक ही साथ दो सीट से चुनाव लड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं।

जे. जयललिता ने 1991 में बरगुर और कांगेयम सीट से चुनाव लड़ा और दोनों सीट पर जीत हासिल की थी।

उन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की भारी जीत के बाद बरगुर सीट को बरकरार रखने का फैसला किया और कांगेयम सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद वह पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं।

पुथिया तमिलगम पार्टी के संस्थापक के. कृष्णासामी ने 2016 के चुनावों में दो आरक्षित सीट – ओट्टापिडारम और वालपराई – से चुनाव लड़ा तथा वह दोनों में हार गए थे।

विजय द्वारा चुने गए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में काफी संख्या में श्रमिक वर्ग निवास करते हैं और ईसाइयों का एक बड़ा हिस्सा भी मौजूद है।

विजय के अपने पहले ही चुनाव में दो सीट से मैदान पर उतरने के फैसले पर द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की युवा शाखा के सचिव उदयनिधि स्टालिन ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी।

उदयनिधि ने हाल ही में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए कहा, ‘‘उनका एक पैर इधर है, दूसरा उधर, लेकिन हमारे ‘‘विजेता उम्मीदवार’’ इनिगो इरुदयाराज यहां तिरुचिरापल्ली पूर्वी निर्वाचन क्षेत्र के स्टार उम्मीदवार हैं। हालांकि इनिगो का दो निर्वाचन क्षेत्रों में ईसाई समुदाय के बीच अच्छा प्रभाव है, लेकिन फिर भी उन्होंने तिरुचिरापल्ली पूर्व से दूसरी बार चुनाव लड़ने का फैसला किया है।’’

अपने नेता का बचाव करते हुए टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन ने कहा कि विजय एक साहसी और स्वतंत्र नेता हैं, जिन्होंने राज्य में स्थापित राजनीतिक ताकतों को चुनौती दी।

अर्जुन ने पूरे तमिलनाडु में ‘‘विजय लहर’’ का दावा करते हुए कहा कि टीवीके के संस्थापक में ‘‘मानसिक शक्ति’’ है और वह ‘‘धमकियों’’ से डरेंगे नहीं।

पेरम्बूर सीट पर परंपरागत रूप से द्रमुक, अन्नाद्रमुक, कांग्रेस और माकपा के सदस्य चुने जाते रहे हैं तथा वर्तमान में द्रमुक के आर. डी. शेखर को फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है। शेखर ने 2021 में यह सीट जीती थी।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा