दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान शुरू
Modified Date: September 18, 2026 / 09:08 am IST
Published Date: September 18, 2026 9:08 am IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के चार केंद्रीय पदों और महाविद्यालय प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह मतदान शुरू हो गया।

इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है।

अधिकारियों ने बताया कि जिन विद्यार्थियों की कक्षाएं दिन के समय हैं, वे अपराह्न एक बजे तक मतदान कर सकेंगे जबकि संध्या कक्षाएं आयोजित करने वाले महाविद्यालयों में अपराह्न तीन बजे से शाम साढ़े सात बजे तक मतदान होगा।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें से 960 ईवीएम का इस्तेमाल मतदान के लिए किया जाएगा जबकि 40 मशीन को आरक्षित रखा गया है।

मुख्य चुनाव अधिकारी राज किशोर शर्मा ने बताया कि मतदान के दौरान 12 नियंत्रण कक्ष काम करते रहेंगे और ईवीएम में किसी तरह की तकनीकी खराबी आने पर उसे दूर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे।

शर्मा ने कहा, ‘‘मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम को पुलिस की सुरक्षा में ‘नॉर्थ कैंपस’ स्थित ‘यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम’ के बहुद्देश्यीय सभागार ले जाया जाएगा। शनिवार को मतगणना के समय मशीन खोली जाएंगी।’’

छात्र कल्याण, परिसर में सुविधाएं, छात्रावास में रहने की व्यवस्था और सुरक्षा डूसू चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दों के रूप में उभरे हैं। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद छात्रों की सुरक्षा और उनके रहने की व्यवस्था चुनाव का एक अहम मुद्दा बन गया है। इस हादसे में विद्यार्थियों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।

विश्वविद्यालय ने चुनाव प्रक्रिया के मद्देनजर छात्र मार्ग, प्रोबिन रोड और विश्वविद्यालय मार्ग समेत प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी है।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, ये पाबंदियां शुक्रवार और शनिवार को नतीजों की घोषणा होने तक लागू रहेंगी।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव


लेखक के बारे में