जाजपुर/बालासोर, 29 अगस्त (भाषा) उत्तरी ओडिशा की प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बावजूद बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के लगभग 100 गांवों में शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, इन गांवों के लगभग 30,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बालासोर जिले के बलियापाल और भोगराई खंड के 80 गांवों में लगभग चार फुट तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जबकि जाजपुर जिले के दशरथपुर खंड के 14 गांवों में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। भद्रक जिले के धामनगर खंड के कुछ इलाके भी अब तक पानी में डूबे हुए हैं।
दशरथपुर खंड के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण रवींद्र सामल ने बताया, “वैतरणी नदी का जलस्तर तो कम हो गया है, लेकिन हमारे गांवों में बाढ़ का पानी पिछले पांच दिनों से जमा है। इससे मेरा घर क्षतिग्रस्त हो गया, घर का सारा सामान, अनाज और मवेशियों के लिए रखा चारा भी बर्बाद हो गया।”
उसी खंड की एक युवती सविता ने कहा, “सरकार कह रही है कि नदियों का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन हकीकत यह है कि नदी से पानी निकलकर अब हमारे गांवों में भर गया है। जब लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं और चूल्हा तक नहीं जला पा रहे, तो स्थिति में सुधार कैसे माना जा सकता है?”
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, कानी नदी के तटबंध में 100 फुट बड़ी दरार आने के बाद बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया जिसके कारण दशरथपुर खंड की कसपा और मलिकापुर ग्राम पंचायतों के कम से कम 14 गांवों के 8,000 से अधिक लोग अब भी पानी के बीच रहने को मजबूर हैं।
शनिवार से अब तक 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उन्हें पास के स्कूल भवनों में शरण दी गई है।
भाषा खारी मनीषा
मनीषा