नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) अवसंरचना निर्माण कंपनी दिलीप बिल्डकॉन ने केरल के वायनाड में मंगलवार को अनाक्कम्पोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन के पीछे किसी तकनीकी खामी से इनकार किया है। इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
दिलीप बिल्डकॉन ने एक नियामकीय जानकारी में कहा कि इस परियोजना को सभी लागू अभियांत्रिकी, संरक्षा और पर्यावरण संबंधी मंजूरियों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए पूरा किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा गया है कि ‘‘पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाके में होने के कारण, यह परियोजना कई तरह की नियामकीय जांच और निगरानी प्रणाली के दायरे में आती है। इसमें उच्चतम न्यायालय की बनाई केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति का पर्यवेक्षण भी शामिल है और खुदाई से निकली सामग्री का निस्तारण मंज़ूर किए गए तरीके से ही किया जाता है।’’
दिलीप बिल्डकॉन ने कहा, ‘‘इस तरह की अतिरिक्त और सख्त अनुपालन प्रक्रियाओं के कारण तकनीकी खामी की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है।’’
इस बीच, तिरुवनंतपुरम में मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने संवददाताओं से बातचीत में दावा किया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी. के. बशीर और जिलाधिकारी ने ठेकेदारों को बहुत पहले ही उस इलाके में जमा भारी मात्रा में मिट्टी हटाने के लिए कहा था।
मुख्यमंत्री ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के कार्यालय में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा, ”हालांकि, ठेकेदारों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।”
अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन कल्लाडी में हुआ, जहां कोझिकोड और वायनाड ज़िलों को जोड़ने वाली सड़क सुरंग परियोजना का काम चल रहा था।
दिलीप बिल्डकॉन ने कहा कि यह घटना वायनाड में मानसून के सक्रिय दौर के दौरान हुई, जब क्षेत्र में असाधारण रूप से भारी बारिश हो रही थी।
कंपनी ने कहा, ”हम जांच में पूरा सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और जैसे-जैसे सत्यापित जानकारी उपलब्ध होगी, उसे साझा करते रहेंगे।”
भाषा धीरज पवनेश
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