कन्नूर (केरल), 28 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने शनिवार को कहा कि पार्टी और एसडीपीआई के बीच कोई चुनावी समझौता नहीं है।
विपक्षी यूडीएफ नेताओं द्वारा माकपा और एसडीपीआई के बीच कई निर्वाचन क्षेत्रों में ‘‘समझौता’’ किए जाने के आरोपों पर बेबी ने प्रेसवार्ता में कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘माकपा का मानना है कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का राजनीतिक दृष्टिकोण लोकतांत्रिक राजनीति के अनुरूप नहीं है। ऐसे संगठनों को लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाकर अपना रुख सुधारना चाहिए।’’
जमात-ए-इस्लामी का जिक्र करते हुए बेबी ने इसे धार्मिक विचारधारा वाला संगठन बताया।
बेबी ने कहा, ‘‘अगर वे इस तरह की विचारधारा का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें इसे खुलकर घोषित करना चाहिए और इसका प्रचार करना चाहिए। यही हमारा इस संगठन के प्रति रुख है।’’
उन्होंने कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) अपने घटक दलों और अन्य राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर काम करता है जिन्होंने खुले तौर पर मोर्चे को समर्थन देने की घोषणा की है।
भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि एलडीएफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े वोट नहीं मांगता।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन लोगों के वोट नहीं चाहते जो अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का विरोध करते हैं।’’
भाकपा नेता ने आरोप लगाया कि केरल में असली समझौता कांग्रेस और भाजपा के बीच है।
उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू को भूलकर केरल में कांग्रेस भाजपा की घनिष्ठ सहयोगी बन गई है।’’
केरल में विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को होंगे।
भाषा शफीक माधव
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