पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने चार भाजपा विधायकों को ‘उल्लेख समय’ में भाग लेने से रोका

पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने चार भाजपा विधायकों को ‘उल्लेख समय’ में भाग लेने से रोका

पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने चार भाजपा विधायकों को ‘उल्लेख समय’ में भाग लेने से रोका
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: November 28, 2022 9:51 pm IST

कोलकाता, 28 नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार विधायकों को शेष शीतकालीन सत्र के लिए 30 नवंबर तक ‘उल्लेख समय’ में हिस्सा लेने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी पार्टी ने ‘‘प्रतिशोधी कार्रवाई’’ का आरोप लगाया।

बंदोपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि चार भाजपा विधायकों ने उल्लेख समय के दौरान अपनी बात रखने के लिए बुलाए जाने पर जवाब नहीं दिया, यह प्रक्रिया का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन था।

चारों विधायक गोपाल साहा, हिरणमय चटर्जी, निखिल रंजन डे और पार्थ सारथी चट्टोपाध्याय कार्यवाही के दौरान स्कूल नौकरी घोटाले पर भाजपा द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को पेश करने से अध्यक्ष के इनकार पर विरोध जता रहे थे और सदन से बाहर चले गए। इन विधायकों का नाम पहले से सूचीबद्ध था लेकिन बंदोपाध्याय द्वारा पुकारे जाने पर वे नहीं आए।

हालाकि, इन विधायकों को बहस में भाग लेने, मतदान करने से नहीं रोका जाएगा और उनके अन्य अधिकार बने रहेंगे जिनके वे हकदार हैं। भाजपा के मुख्य सचेतक मनोज तिग्गा ने फैसले को ‘‘प्रतिशोधी’’ बताया और कहा कि पार्टी के विधायक मंगलवार के सत्र के दौरान इसका विरोध करेंगे।

तिग्गा ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार विपक्ष को जगह देने में विश्वास नहीं करती है, जो कि संसदीय लोकतंत्र में सर्वोपरि है। सत्तारूढ़ दल ने सदन में लोगों की मांग उठाने के लिए अतीत में मेरे सहित हमारे विधायकों को निलंबित कर दिया था। ऐसे निरंकुश शासन से और क्या उम्मीद की जा सकती है?’’

भाषा आशीष माधव

माधव


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