बंगाल सरकार कामदुनी बलात्कार मामले में उच्चतम न्यायालय में पीड़िता के परिवार का समर्थन करेगी:शुभेंदु

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बंगाल सरकार कामदुनी बलात्कार मामले में उच्चतम न्यायालय में पीड़िता के परिवार का समर्थन करेगी:शुभेंदु

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 06:46 PM IST

कोलकाता, 15 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार कामदुनी में सामूहिक दुष्कर्म के बाद मार दी गयी छात्रा के परिवार का उच्चतम न्यायालय में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में 13 साल पहले हुए इस अपराध में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।

शुभेंदु अधिकारी ने यहां भाजपा कार्यालय में ‘जनता दरबार’ के दौरान मृत छात्रा के परिवार से मुलाकात के बाद यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर राज्य सरकार या पुलिस का सीधा नियंत्रण नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘बारासात की अदालत ने इस मामले में दोषियों को मृत्युदंड सुनाया था। पिछली सरकार ने 16 सरकारी वकीलों का तबादला कर दिया था, ताकि आरोपियों को रिहा कराया जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब पीड़ित परिवार उच्चतम न्यायालय पहुंचा है और मामला वहां विचाराधीन है। मैंने परिवार को भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार के वकील उनका पूरा सहयोग करेंगे, ताकि उन्हें उच्चतम न्यायालय से न्याय मिल सके। हमने पहले ही स्थायी अधिवक्ता को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं।’’

उत्तरी 24 परगना जिले के कामदुनी में सात जून 2013 में कॉलेज से घर लौट रही एक छात्रा को खेत में घसीटकर ले जाया गया था, जहां उससे सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। उसका क्षत-विक्षत शव अगली सुबह मिला था। इस घटना से राज्य में भारी आक्रोश फैल गया था।

एक सत्र अदालत ने तीन वर्ष बाद इस मामले में तीन आरोपियों को मौत की सजा और तीन अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मृत्युदंड पाने वाले तीन में से दो दोषियों की सजा को बाद में उम्रकैद में बदल दिया था और तीसरे दोषी को बरी कर दिया था। अदालत ने उम्रकैद का दंड पाने वाले तीन अन्य दोषियों की सजा भी कम कर दी थी।

इस कांड के पीड़ित परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम में बुधवार को शामिल हुए। कामदुनी की घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा रहीं टुम्पा कोयल और मौसमी कोयल भी पीड़िता के परिवार के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं।

पीड़िता की मां ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें न्याय का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी घटना की जानकारी है।’’

पीड़िता के भाई ने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने अपराधियों को बचाने की कोशिश की, जिससे हमें बहुत परेशानी हुई। हमें उम्मीद है कि अब हमें न्याय मिलेगा। हमें लगता है कि न्याय पाने का एकमात्र तरीका मुठभेड़ ही है।’’

शुभेंदु अधिकारी ने पहले आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय में इंसाफ पाने की कोशिश में जुटे पीड़ित का पिछली तृणमूल सरकार विरोध कर रही थी लेकिन उनकी सरकार ने उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध करायेगी।

पीड़िता के परिवार ने यह आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था कि उसे न्याय नहीं मिला। यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार अदालतों के समक्ष महत्वपूर्ण तथ्य रखने में विफल रही और पुलिस ने मामले की उचित जांच नहीं की।

कामदुनी घटना के बाद राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इलाके का दौरा किया था जहां उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। बनर्जी ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों में माओवादी भी शामिल थे। उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हुई थी।

इस बीच, शुभेंदु अधिकारी ने आज कहा कि उनकी ‘जनता दरबार’ पहल से लोगों से मिली बड़ी संख्या में शिकायतों का समाधान करने में मदद मिली है।

भाषा शफीक राजकुमार

राजकुमार