कोलकाता, 13 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण रसोई गैस सिलेंडरों की संभावित कमी की आशंका के बीच शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।
राज्य के दक्षिण में काकद्वीप से लेकर उत्तर में सिलिगुड़ी तक, विभिन्न हिस्सों में लोग खाली एलपीजी सिलेंडर लेकर केंद्रों के बाहर खड़े नजर आए। कई लोगों का कहना था कि वे ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं।
इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने बृहस्पतिवार को एलपीजी आपूर्ति और वितरण की समन्वित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। साथ ही आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सचिवालय नबान्न में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की घोषणा की गई।
एसओपी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य एलपीजी की उपलब्धता को स्थिर करना और संभावित आपूर्ति बाधाओं के बीच लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने आपूर्ति की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और उपलब्धता को स्थिर रखने के लिए नीतिगत मार्गदर्शन देने हेतु एक राज्य स्तरीय एलपीजी संकट निगरानी समिति भी गठित की है।
इस बीच कोलकाता के वसायिक इलाकों और पड़ोसी साल्ट लेक सिटी में सड़क के किनारे खाने-पीने की कई दुकानें एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण बंद हो गई हैं। जो दुकानें खुली हैं वे सीमित सामग्री और बढ़ी हुई कीमतों के साथ काम कर रही हैं।
इसके अलावा एलपीजी से चलने वाले कुछ ऑटो-रिक्शा शहर और आसपास के जिलों में सड़कों से गायब दिखाई दिए, क्योंकि फिलिंग स्टेशनों पर “अनियमित आपूर्ति” की शिकायतें हैं। यात्रियों का दावा है कि कुछ मार्गों पर ऑटो चालक सामान्य किराये से 10 से 25 प्रतिशत तक अधिक वसूल रहे हैं।
भाषा मनीषा माधव
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