कोलकाता, 18 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बिरजू केओट की हिरासत में कथित मौत की जांच मंगलवार को अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केओट को जबरन वसूली और मारपीट के आरोप में छह अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। आठ अगस्त की तड़के वह थाने के हवालात में बेहोशी की हालत में मिला था।
अधिकारियों ने बताया कि उसे कल्याणी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सरकार ने इससे पहले मौत के मामले में प्रशासनिक चूक की बात स्वीकार की थी। थाने के जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रभारी अधिकारी को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी केओट की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगी, जिसमें हवालात के अंदर हुई घटनाएं भी शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नौ अगस्त को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा था, जब वह केओट के परिवार से मिलने इलाके में गई थीं। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके वाहन पर कीचड़ और चप्पलें फेंकी थीं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले दिन शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से मदद का भरोसा दिलाया था।
शुभेंदु अधिकारी ने तब कहा था, ‘‘परिवार इस बात के लिए कृतज्ञता का पात्र है कि उसने किसी को मौत का राजनीतिकरण करने की अनुमति नहीं दी।’’
उन्होंने कहा था कि मृतक के बड़े भाई ने स्पष्ट किया है कि परिवार न्याय चाहता है और उसे सरकार तथा प्रशासन पर भरोसा है।
अधिकारियों ने बताया कि नियमों के तहत मौत की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और परिवार को जांच की प्रगति से अवगत कराया जा रहा है।
राज्य सरकार ने केओट के दो बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
अधिकारियों ने बताया कि उनकी पत्नी को पहले वर्ष हर महीने 15,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके बाद गृह विभाग में परिचारक के तौर पर समूह ‘डी’ की नौकरी दी जाएगी।
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