नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में फैला पश्चिमी हिमालय, इस पर्वत शृंखला के मध्य और पूर्वी हिस्सों की तुलना में तेजी से गर्म हो रहा है। एक नये अध्ययन में यह दावा किया गया है।
अध्ययन में यह भी कहा गया है कि पश्चिमी हिमालय में वसंत की तुलना में सर्दियों में तापमान बढ़ रहा है। दिन के अधिकतम तापमान की तुलना में रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
‘जलवायु परिवर्तन के तहत हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता’ शीर्षक वाला यह अध्ययन ‘जर्नल ऑफ अर्थ सिस्टम साइंस’ में प्रकाशित हुआ है। सोमवार को इसे जारी किया गया।
अध्ययन की अगुवाई रांची के ‘बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी’ के सुदूर संवेदन एवं भू-विज्ञान विभाग ने की तथा पुणे के भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान और अशोका विश्वविद्यालय ने उसमें सहयोग किया।
विश्लेषण करने वालों ने दो तरह के सबूतों का इस्तेमाल किया। पहला, 1901 से 2020 तक इस इलाके में तापमान की माप का जो 120 साल का रिकॉर्ड है।
दूसरा, आठ वैश्विक जलवायु मॉडल का एक सेट है। इन्हें पहले उन घटनाओं के आधार पर परखा गया जो पहले ही हो चुकी हैं, और फिर भविष्य के पांच संभावित हालात के हिसाब से 2,100 तक के लिए। इनमें एक स्थिति ऐसी है जिसमें उत्सर्जन में भारी कटौती की जाती है और दूसरी ऐसी जिसमें मौजूदा रफ़्तार से ही जीवाश्म ईंधन का उपयोग जारी रहता है।
इस अध्ययन से यह भी पता चला कि हिमालय में सर्दियों के मुकाबले वसंत ऋतु में ज्यादा बर्फ पिघलती है और सबसे ज्यादा बर्फ पश्चिमी हिस्से में पिघलती है।
भाषा
राजकुमार अविनाश
अविनाश