पश्चिम रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, तस्करी रोकने के लिए एआई-निगरानी तकनीक का होगा इस्तेमाल

पश्चिम रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, तस्करी रोकने के लिए एआई-निगरानी तकनीक का होगा इस्तेमाल

पश्चिम रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, तस्करी रोकने के लिए एआई-निगरानी तकनीक का होगा इस्तेमाल
Modified Date: August 9, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: August 9, 2026 8:06 pm IST

अहमदाबाद, नौ अगस्त (भाषा) वरिष्ठ अधिकारियों को पश्चिम रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र वाले गुजरात के विभिन्न इलाकों में कृत्रिम मेधा (एआई) उपकरणों तथा निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल करके मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

गुजरात के पुलिस महानिदेशक (सीआईडी अपराध एवं रेलवे) डॉ. के. एल. एन. राव ने अहमदाबाद में पश्चिम रेलवे अपराध सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ई-प्राथमिकी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, विभिन्न ट्रेन में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षात्मक उपाय मजबूत करने के निर्देश दिए।

अधिकारी ने बताया कि राव ने अपराधों की शिकायत दर्ज करने और उनके त्वरित निस्तारण के लिए ई-प्राथमिकी प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने और प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

अधिकारी ने बताया कि विभिन्न ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर चोरी तथा जेबकतरी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने, पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने व नियमित गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीपी ने ‘सुदर्शन’, ‘गांडीव’ और ‘एनएटी-ग्रिड’ (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर एवं तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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