जब मानवता की हदें पार कर दी जाती हैं तो जवाब निर्णायक होता है: सेना

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जब मानवता की हदें पार कर दी जाती हैं तो जवाब निर्णायक होता है: सेना

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 05:28 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का अपना संकल्प दोहराया और कहा, ‘‘जब इंसानियत की हदें पार की जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है’’।

पिछले साल 22 अप्रैल को, आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों को मार डाला था, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।

भारत ने इसके जवाब में सात मई को एक सैन्य अभियान शुरू किया और पाकिस्तान तथा उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ढांचों को तबाह कर दिया।

सेना ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जब मानवता की हदें पार की जाती हैं तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय किया जाता है। भारत एकजुट है।’’

इस पोस्ट में एक पोस्टर भी साझा किया गया जिसमें भारत के मानचित्र की छायांकित तस्वीर के साथ कैप्शन है- ‘‘सम बाउंड्रीज शुड नेवर बी क्रॉस्ड’’ (कुछ हदें कभी पार नहीं की जानी चाहिए)।

इसमें अंग्रेजी शब्द ‘क्रॉस्ड’ का ‘ओ’ अक्षर सिंदूर की एक कटोरी की तरह चित्रित किया गया है और नीचे सुर्ख लाल रंग में लिखा है ‘‘इंडिया डज नॉट फॉरगेट’’ (भारत भूलता नहीं है)।

भारत ने पहलगाम हमले के बाद गत वर्ष सात-आठ मई की दरमियानी रात को निर्णायक सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। सेना ने देर रात 1.51 बजे ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘पहलगाम आतंकी हमले में इंसाफ किया गया है। जय हिंद।’’

इसके साथ ही एक डिजिटल पोस्टर भी था जिस पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखा था। सरकार ने इस अभियान को यही नाम दिया था।

बाद में पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले शुरू किए, और भारत के बाद के सभी जवाबी हमले भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए।

दोनों के बीच सैन्य संघर्ष 10 मई की शाम को एक समझौता होने के बाद रोक दिया गया।

भााषा वैभव नरेश

नरेश