गुवाहाटी, 19 फरवरी (भाषा) असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब उन्होंने पार्टी में अपने अपमान का मुद्दा राहुल गांधी के साथ उठाया, तो उन्होंने (राहुल गांधी ने) उनसे कहा कि उन्हें भी अपमानित महसूस होता है।
असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को सोमवार को तब एक झटका लगा जब बोरा ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते।
बोरा के 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होने की संभावना है।
सोमवार को अपने इस्तीफे के बाद बोरा ने राहुल गांधी द्वारा उन्हें फोन किये जाने पर दोनों के बीच हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘मैंने राहुल गांधी से कहा था कि मैं पार्टी में अपमानित महसूस कर रहा हूं और फिर उन्होंने कहा कि उन्हें भी अपमानित महसूस हो रहा है। तो फिर मेरे अपमान का क्या मूल्य है? मैं इतना अपमान सहन नहीं कर सकता, क्योंकि मुझमें इतनी क्षमता नहीं है।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के उस आरोप पर कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से 50 करोड़ रुपये लिए हैं, बोरा ने कहा कि अगर उन्हें पैसे की पेशकश की जाती है, तो वे इसे मीडिया के सामने स्वीकार कर लेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता का एक स्टेडियम बनाने का सपना था और इसके लिए उन्होंने 12 बीघा जमीन रखी थी। हालांकि, दो बार विधायक रहने के बावजूद मैं उनकी इच्छा पूरी नहीं कर सका। उनका 2019 में निधन हो गया।”
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता की यह इच्छा मेरे दिल में है, लेकिन एक अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये काफी नहीं होंगे। फिर भी मैं इसे स्वीकार करूंगा और काम शुरू करूंगा।’’
इस्तीफे के एक दिन बाद शर्मा के उनके घर आने के बारे में पूछे जाने पर बोरा ने कहा कि वह 22 साल तक कांग्रेस में थे और ‘‘मैंने इसके बाद और 10 साल तक वहां काम किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिवंगत पी ए संगमा के बाद शर्मा पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेता हैं और जब उन्होंने मुझे फोन करके कहा कि वे मेरे घर आएंगे, तो मैंने उनका स्वागत किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के केंद्रीय नेताओं से बात की है और फिर मुझे भाजपा में शामिल होने का आमंत्रण दिया । इस्तीफे के बाद अब मैं कहीं भी सक्रिय नहीं हूं, इसलिए मैंने भाजपा में शामिल होने के लिए सहमति दे दी।’’
बोरा के 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होने की संभावना है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है।
उन्होंने दोहराया कि उस दिन की मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि गोगोई ने उस विपक्षी गठबंधन को तोड़ दिया, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले बनाया था, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर ‘‘विपक्ष संयोग से राज्य में सत्ता में आ गया, तो वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब मुझे नौ फरवरी को गठबंधन को फिर से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी, तो बातचीत में धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन को शामिल करने का क्या मतलब था?’’
उन्होंने दावा किया, ‘गोगोई को शायद लगा कि अगर गठबंधन हो जाता है, तो भूपेन बोरा सब कुछ सौहार्दपूर्ण ढंग से करेंगे और उसे प्रियंका गांधी वाद्रा के सामने रखेंगे, जिससे उनके अस्तित्व को खतरा होगा।’’
बोरा ने कहा कि गठबंधन होगा, जिसमें रायजोर दल और असम जातीय परिषद (एजेपी) को लगभग 12-12 सीट, माकपा, भाकपा और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी) को एक-एक सीट मिलेगी और कांग्रेस बाकी सीट पर चुनाव लड़ेगी।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष वाद्रा आज दिन में पहले दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचीं, जिसके दौरान वह पार्टी के उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए कई बैठकें करेंगी।
बोरा ने आरोप लगाया कि नागांव के सांसद प्रद्युत बारदोलोई और विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया को भी पार्टी में अपमानित किया गया, लेकिन अब गोगोई ‘‘उनके घावों को भरने की कोशिश करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब जब भूपेन बोरा बाहर हो गए हैं तो गोगोई अन्य स्तंभों को एकजुट रखने की कोशिश करेंगे।’
बोरा ने कहा कि जब उन्होंने 2021 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला था, तब स्थिति बहुत गंभीर थी, पार्टी लगातार दो विधानसभा चुनाव हार चुकी थी।
उन्होंने कहा, ‘तब मैंने 16 विपक्षी दलों का गठबंधन बनाने की पहल की, जिनमें बड़े और छोटे दोनों शामिल थे।’
भाषा अमित पवनेश
पवनेश