किसानों, शिक्षकों पर दर्ज मामले वापस लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया: द्रमुक

किसानों, शिक्षकों पर दर्ज मामले वापस लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया: द्रमुक

किसानों, शिक्षकों पर दर्ज मामले वापस लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया: द्रमुक
Modified Date: September 2, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: September 2, 2026 6:40 pm IST

चेन्नई, दो सितंबर (भाषा) द्रमुक के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. इलैंगोवन ने बुधवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों और शिक्षकों के खिलाफ पुलिस मामलों को वापस लेने के फैसले के राजनीतिक महत्व को कमतर बताते हुए इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया करार दिया।

इलैंगोवन ने कहा कि इससे पहले की सरकारें भी इस तरह के कदम नियमित रूप से उठाती रही हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘जब वे अपने अधिकारों के लिए स्वाभाविक रूप से लड़ रहे हैं, तो हमने (द्रमुक सरकार ने) भी पहले कई मामले रद्द किए हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज कई मुकदमे वापस लिए हैं।’

उन्होंने बताया कि हालांकि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर पुलिस तुरंत मामले दर्ज कर लेती है, लेकिन सरकारें आमतौर पर विरोध के मूल कारणों पर विचार करने के बाद उन आरोपों को आगे नहीं बढ़ाती हैं।

उन्होंने इस कदम को कोई खास या अलग पहल नहीं बताते हुए कहा, ‘विजय ने भी यही किया है।’

मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को विधानसभा को बताया कि परंदूर हवाई अड्डे और एसआईपीसीओटी औद्योगिक पार्क विस्तार परियोजनाओं का विरोध करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले वापस ले लिए जाएंगे।

तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद सायोनी घोष की मुख्यमंत्री विजय के साथ हालिया मुलाकात और उनके विजय की पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर पूछे गए एक सवाल पर इलैंगोवन ने संदेह जताया।

उन्होंने कहा, ‘अगर वह पश्चिम बंगाल से सांसद हैं… और अकेले आकर पार्टी में शामिल होती हैं, तो वह अपना पद खो सकती हैं।’

भाषा शुभम रंजन

रंजन


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