तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) विड़िण्गम में सोने के बदले कर्ज देने वाली एक निजी कंपनी की कर्मचारी की मौत के मामले में रविवार को एक महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि कंपनी में गिरवी रखे सोने के गहनों से जुड़ी अनियमितताओं के बाद कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान तिरुवनंतपुरम के पनांगोडे निवासी सिंधु के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, वेंगानूर की रहने वाली अंजू (28) और उसकी दोस्त ऐश्वर्या (34) सोने के बदले कर्ज देने वाली एक कंपनी की अलग-अलग शाखा में काम करती थीं और उन्होंने कथित तौर पर ग्राहकों के गिरवी रखे गए लगभग 70 ‘सॉवरेन’ सोना सिंधु को सौंप दिया; सिंधु ने उन्हें कमीशन देने का वादा किया था।
पुलिस ने बताया कि सिंधु ने उन्हें कहा कि गहनों को कम ब्याज दरों पर दूसरे वित्तीय संस्थानों में गिरवी रखा जाएगा और इन लेन-देन से दोनों कर्मचारियों को कमीशन मिलेगा।
यह कथित धोखाधड़ी तब सामने आई जब ग्राहकों ने गिरवी रखे अपने गहने वापस मांगे, जिसके बाद कंपनी के प्रबंधन को गड़बड़ियों का पता चला।
पुलिस ने बताया कि अंजू और ऐश्वर्या ने सिंधु से संपर्क किया और उससे वे गहने वापस करने को कहा जो उन्होंने उसे दिए थे।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक सिंधु ने कथित तौर पर मना कर दिया और कहा कि वह सोना पहले ही बेच चुकी है।
आभूषण उनके असली मालिकों को न लौटा पाने के कारण, कथित तौर पर दोनों कर्मचारी भारी मानसिक तनाव में थीं।
पुलिस ने बताया कि शुरुआत में दोनों ने पैसे उधार लेकर कुछ गहने वापस पाने में कामयाब हो गईं।
जैसे-जैसे ग्राहक गिरवी रखे सोने को वापस लेने के लिए कंपनी के पास पहुंचे, दोनों महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गईं।
पुलिस ने बताया कि 30 जून को अंजू और ऐश्वर्या ने सुसाइड नोट छोड़ने के बाद कथित तौर पर जूस में जहर मिलाकर पी लिया।
दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार रात अंजू की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि ऐश्वर्या की हालत गंभीर बनी हुई है।
सुसाइड नोट के आधार पर शुरुआती जांच के बाद विड़िण्गम पुलिस ने मामला दर्ज किया और सिंधु को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि सिंधु का नाम पहले भी धोखाधड़ी के कई मामलों में आरोपी के तौर पर आया है। जांच जारी है।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष