योगी आदित्यनाथ ने मियांपुर गांव का नाम बदलकर रवींद्र नगर करने की घोषणा की

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योगी आदित्यनाथ ने मियांपुर गांव का नाम बदलकर रवींद्र नगर करने की घोषणा की

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 08:06 PM IST

लखीमपुर खीरी, 11 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “पापी” करार दिया और कहा कि भविष्य में वह और टुकड़ों में बिखरेगा।

मुख्यमंत्री ने यहां मियांपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इस अवसर पर बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रवींद्र नगर’ करने की घोषणा भी की।

आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कांग्रेस का पाप देखिए जिसने आपकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया। आप सोचो एक भी मियां नहीं, लेकिन इस गांव का नाम मियांपुर है।”

उन्होंने कहा कि गांव का नाम मियांपुर रखकर लोगों की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब इस बस्ती की पहचान रवींद्रनाथ ठाकुर के नाम पर ‘रवींद्र नगर’ के रूप में होगी।

पाकिस्तान पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार देश का स्वयं भी 1971 में विभाजन हुआ और आगे भी उसके और टुकड़े हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि 1947 और 1971 के विभाजन तथा उसके बाद की परिस्थितियों में विस्थापित हुए 1,000 से अधिक परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए गए हैं।

आदित्यनाथ ने कहा कि दशकों से जिन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था, उन्हें अब यह अधिकार दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से आए लोगों की संपत्तियां वहां हड़प ली गई थीं और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें सम्मान और अधिकार के साथ बसाने का कार्य किया जा रहा है।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में बंगाल का विशेष स्थान है और इस वर्ष बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने लोगों से कहा, “जिस जमीन पर आप दशकों पहले बसे थे, लेकिन जिसके मालिकाना हक आपको नहीं मिले थे, आज आपको उस जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। जो सपने दशकों से अधूरे रहे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पूरा करने के लिए मैं आपके पास आया हूं।”

भाषा

आनन्द रवि कांत