रांची में 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, मुख्यमंत्री से समस्या के समाधान की मांग की

रांची में 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, मुख्यमंत्री से समस्या के समाधान की मांग की

रांची में 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, मुख्यमंत्री से समस्या के समाधान की मांग की
Modified Date: August 2, 2026 / 12:15 pm IST
Published Date: August 2, 2026 12:15 pm IST

रांची, दो अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपनी समस्या के समाधान की मांग को लेकर एक युवक यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई घंटों की मशक्कत और समझाए जाने के बाद पुलिस ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया।

कोतवाली थाना प्रभारी सनोज चौधरी ने कहा, ‘‘हमने युवक को समझा-बुझाकर और उसकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन देकर उसे उतार लिया। वह शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे टावर पर चढ़ा था और सुबह करीब साढ़े सात बजे उसे नीचे उतारा गया।’’

युवक की पहचान लातेहार जिले के निवासी हीरालाल (25) के रूप में हुई है।

राज्य में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों छात्र पिछले चार-पांच दिन से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं।

पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि युवक अपनी पत्नी के मायके जाने से परेशान था। हालांकि, युवक के टावर पर चढ़ने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित इस घटना के एक कथित वीडियो में युवक को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आकर समस्या का समाधान करना चाहिए। मुख्यमंत्री समस्याओं का समाधान कैसे नहीं कर सकते? मैंने, मेरे परिवार और ग्रामीणों ने उन्हें वोट दिया था। यदि मुख्यमंत्री नहीं आते हैं, तो वह नीचे नहीं उतरेगा।’’

हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के विरोध में टावर पर चढ़ा था। इन अनियमितताओं के कारण उसकी पत्नी को नौकरी नहीं मिल सकी।

भाषा खारी संतोष

संतोष


लेखक के बारे में