Manoj Tiwary Viral Video : ‘खेल मंत्री था, लेकिन सिर्फ चाय-बिस्किट खिलाए गए!’ ममता सरकार पर बरसे पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी, खोले TMC सरकार के कई अंदरूनी राज़

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पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने TMC सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पांच वर्षों तक उन्हें खेल मंत्री रहते हुए काम नहीं करने दिया गया।

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 11:40 AM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 11:40 AM IST

Manoj Tiwary Viral Video / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • मनोज तिवारी का TMC सरकार पर बड़ा हमला
  • “मेरा काम सिर्फ चाय-बिस्किट खाना रह गया था”
  • अरूप बिस्वास पर साइडलाइन करने का आरोप

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व क्रिकेटर और राज्य के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने पिछले पांच वर्षों में अपने साथ हुए अपमान और प्रशासनिक बाधाओं का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है।

“चाय-बिस्कुट तक सीमित था मेरा काम”

मनोज तिवारी ने सीधे तौर पर पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर किनारे किया गया। उन्होंने कहा, “मैं खेल जगत से आता हूँ और कुछ बड़ा करना चाहता था, लेकिन विभाग में मेरा काम सिर्फ चाय और बिस्कुट खाने तक सीमित कर दिया गया।” उन्होंने दावा किया कि डूरंड कप जैसे बड़े आयोजनों में भी उन्हें आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया जाता था।

मेसी के इवेंट पर किया बड़ा खुलासा

लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि उस आयोजन में खेल प्रेमियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। मेसी महज 5-10 मिनट में चले गए क्योंकि प्रबंधन की सोच संकीर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि कुछ गलत होने वाला है, इसलिए वे उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

ममता बनर्जी से मुलाकात का अनुभव

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि जब उन्होंने कैबिनेट मीटिंग में शिवपुर के विकास और खेलों के मुद्दे उठाने की कोशिश की, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें झिड़क दिया। तिवारी के अनुसार, ममता बनर्जी ने उनसे कहा, “क्या मेरे पास और कोई काम नहीं है?” और उन्हें 20 सेकंड भी अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। मनोज तिवारी ने अंत में कहा कि उसी दिन उन्हें समझ आ गया था कि यह सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी क्योंकि यह केवल झूठे वादों और व्यक्तिगत हितों पर आधारित थी।

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