Ganga Mai ki Betiyan 21st July 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @Zee 5
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ का सबसे पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियाँ‘ के आने वाले एपिसोड में भावनाओं का एक ऐसा सैलाब आने वाला है, जहां सिद्धू अपनी ज़िंदगी के सबसे बड़े धर्म संकट में फँस जाएगा। गंगा, दुर्गावती की कलाई में हथकड़ी लगने से रोक तो लेती है लेकिन इसके बाद हालात कुछ ऐसे बिख़रते हैं कि हँसता-खेलता परिवार सन्न रह जाता है।
पुलिस एक बार फिर दुर्गावती के घर पहुँचती है और उसे बताती है कि वह उसे गंगा के ढ़ाबे में लगी आग के मामले में गिरफ्तार करने आएं हैं। यह सुनकर दुर्गावती स्तब्ध रह जाती है और पुलिस को कड़े शब्दों में याद दिलाती है कि गंगा ने खुद सबके सामने, उसकी बेगुनाही का पक्ष लेते हुए, उसका बचाव किया था।
इंस्पेक्टर दुर्गावती को समझाते हुए कहता है कि अब एक औपचारिक शिकायत दर्ज हो चुकी है और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करना ही होगा। यह सुनकर दुर्गावती चौंक जाती है और पूछती है कि उसकी शिकायत किसने दर्ज कराई है? दुर्गावती के पैरों तले ज़मीन तो तब खिसकती है जब सिद्धू आगे आकर यह चौंकाने वाला खुलासा करता है कि शिकायत किसी और ने नहीं, बल्कि उसने ही दर्ज कराई थी।
दुर्गावती को गहरा सदमा लगता है। वह सिद्धू के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसे कहती है कि यदि वह सचमुच उसे दोषी मानता है तो वह खुद उसके हाथों में हथकड़ी पहनाएगा। यह सुनकर सिद्धू भावुक हो जाता है। आँखों में आंसू लिए, अपनी माँ के प्रति प्यार और न्याय के बीच उलझे सिद्धू ने रोते हुए धीरे-धीरे दुर्गावती को हथकड़ी पहना दी। इस दुखद दृश्य ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया क्योंकि दुर्गावती बिलकुल टूट चुकी थी।
यह भावनात्मक दृश्य मौजूदा कहानी का सबसे अहम हिस्सा बन सकता है। हालांकि, सिद्धू का मकसद रिश्तों में नफरत फैलाना नहीं, बल्कि कानूनी तरीके से सच को जीतना है। मगर दूसरी ओर, दुर्गावती के लिए सिद्धू का उठाया हुआ ये कदम, उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फरेब है।
इस पूरी तबाही में, असली जीत इंदु की होती है। सिद्धू और दुर्गावती के बिखरते रिश्ते के साथ ही इंदु की साज़िश सफल होती है और असली गुनहगार पर्दे के पीछे छिपा रह जाता है। अब यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा कि क्या सिद्धू का यह कठोर निर्णय दुर्गावती को बेगुनाह साबित करेगा या फिर इंदु की गंदी चाल ठाकुर परिवार को हमेशा के लिए टुकड़ों में बिख़ेर देगी?