Allahbad High Court On Maternity Leave / Image Source : FILE
लखनऊ : Allahbad High Court On Maternity Leave : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं के हक में एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पहली डिलीवरी के दो वर्ष के भीतर दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने पर किसी भी तरह की रोक नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपनाया गया ‘मातृत्व लाभ अधिनियम 1961’ वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों पर प्रभावी माना जाएगा।
यह फैसला न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में कार्यरत सीमा नामक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। विभाग ने नियम 153(1) का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता के 180 दिनों के मातृत्व अवकाश के आवेदन को खारिज कर दिया था, क्योंकि पहले और दूसरे अवकाश में दो साल का अंतर नहीं था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रशांत देव सिंह ने दलील दी कि मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 एक वैधानिक कानून है, जो केवल कार्यकारी निर्देशों वाली वित्तीय हस्तपुस्तिका पर भारी पड़ेगा। Maternity Leave कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए 20 जुलाई 2026 के अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर दिया और अधिकारी को 17 जून 2026 से 13 दिसंबर 2026 तक का मातृत्व अवकाश तुरंत स्वीकृत करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से सरकारी सेवाओं में कार्यरत महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।