Ranveer Singh FWICE Ban: अब फिल्म नहीं बना पाएंगे एक्टर रणवीर सिंह? FWICE ने इस वजह से लगाया बैन, फेडरेशन ने इंडस्ट्री से भी की ये अपील

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को बड़ा झटका! FWICE ने लगाया बैन, इस वजह लिया गया बड़ा फैसला, Ranveer Singh FWICE Ban News

Ranveer Singh FWICE Ban: अब फिल्म नहीं बना पाएंगे एक्टर रणवीर सिंह? FWICE ने इस वजह से लगाया बैन, फेडरेशन ने इंडस्ट्री से भी की ये अपील
Modified Date: May 25, 2026 / 06:23 pm IST
Published Date: May 25, 2026 6:09 pm IST

मुंबईः Ranveer Singh FWICE Ban बॉलीवुड के मशहूर रणवीर सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन पर नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया है। फेडरेशन का साफ कहना है कि जब तक रणवीर खुद सामने आकर इस मुद्दे पर बातचीत नहीं करते, तब तक फेडरेशन से जुड़ा कोई भी टेकनीशियन या सदस्य उनके साथ काम नहीं करेगा। इसके साथ हीफिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने की अपील की गई है।

Ranveer Singh FWICE Ban मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद डॉन 3 से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म की शूटिंग शुरू होने से कुछ दिन पहले अचानक प्रोजेक्ट छोड़ दिया, जिसके बाद मामला विवादों में आ गया। FWICE इस मामले में मध्यस्थता के लिए सामने आया था। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि हाल के समय में कलाकारों द्वारा शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले फिल्म छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे निर्माताओं और पूरी टीम को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

अशोक पंडित ने पहले ही संकेत दिए थे कि इस मुद्दे पर बैठक आयोजित कर निर्णय लिया जाएगा। अब फेडरेशन की ओर से रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किए जाने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, रणवीर सिंह या उनकी टीम की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या इस फैसले का असर रणवीर सिंह के आगामी प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।