इंदौर में नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बंधक बनाए जाने का आरोप, पुलिस ने जांच शुरू की
इंदौर में नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बंधक बनाए जाने का आरोप, पुलिस ने जांच शुरू की
इंदौर (मध्यप्रदेश), 16 जुलाई (भाषा) इंदौर में नौकरी और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर आस-पास के जिलों की युवतियों से हजारों रुपये वसूलने और बाद में उनके मोबाइल छीनकर उन्हें कमरे में बंद करने के आरोपों को लेकर पुलिस ने बृहस्पतिवार को जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) सुमित केरकेट्टा ने बताया कि कुछ युवतियां शिकायत लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचीं और उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया, ‘‘शुरुआती जांच में सामने आया है कि राजेंद्र नगर क्षेत्र में एक निजी फर्म का कार्यालय संचालित किया जा रहा है जहां युवतियों को आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने के काम के लिए भर्ती किए जाने की बात कही गई थी।’’
एडीसीपी ने बताया कि युवतियों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच की जा रही है कि इस फर्म के पास आवश्यक वैध दस्तावेज हैं या नहीं।
केरकेट्टा ने बताया कि युवतियों को प्रशिक्षण के नाम पर एक स्थान पर रखा गया था।
उन्होंने बताया, ‘‘युवतियों के बयानों से उनके बाहर आने-जाने पर रोक-टोक की बात सामने आई है। बयानों और जांच में यदि किसी अपराध से जुड़े तथ्य मिलते हैं, तो प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।’’
एडीसीपी के अनुसार युवतियों से इंदौर में रहने के लिए 7,000 रुपये प्रति माह और नौकरी दिलाने के एवज में 16,000 रुपये की राशि मांगी गई थी।
उन्होंने बताया, ‘‘अब तक हमें आठ-नौ पीड़ित युवतियों के बारे में जानकारी मिली है।’’
इस बीच, एक युवती ने अपनी पहचान उजागर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि उसे उसकी एक परिचित महिला के माध्यम से नौकरी का झांसा देकर इंदौर बुलाया गया था।
उसने कहा कि पहले उससे 7,000 रुपये तथा बाद में 16,000 रुपये लिए गए और इसके बाद उसका मोबाइल छीनकर उसे कमरे में बंद कर दिया गया।
युवती ने आरोप लगाया कि निजी फर्म से जुड़े लोग अपनी निगरानी में उसे परिवार से बात करने की अनुमति देते थे और विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया जाता था।
उसने कहा कि वह और कुछ अन्य युवतियां किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंचीं।
भाषा हर्ष सिम्मी
सिम्मी

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