Balaghat 8 Children Died : 8 बच्चों की मौत से इस जिले में फैली सनसनी, दो महीने के भीतर ही एक-एककर थमती गई सांसें, जांच में हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा

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बालाघाट के बैगा आदिवासी अंचल में बारिश के बाद मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में बुखार, डायरिया, टायफाइड और त्वचा संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दो महीने में 8 बच्चों की मौत हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 20 स्वास्थ्य टीमों और 10 मेडिकल ऑफिसरों की टीमें तैनात की हैं।

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  • Publish Date - August 13, 2026 / 08:16 PM IST,
    Updated On - August 13, 2026 / 08:48 PM IST

Balaghat 8 Children Died / Image Source : AI

HIGHLIGHTS
  • बारिश के बाद मौसमी और संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा।
  • 8 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट।
  • घर-घर जाकर मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा है।

बालाघाट : Balaghat 8 Children Diedमध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले के बैगा आदिवासी अंचल में बारिश के साथ मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मछुरदा, अडोरी, बोंदारी, कोरका और कुंडेकसा समेत कई गांवों में बच्चे और ग्रामीण बुखार, डायरिया, टायफाइड और त्वचा संक्रमण की चपेट में हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दो माह में 8 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रभावित गांवों में 20 स्वास्थ्य टीमें और 10 मेडिकल ऑफिसरों की टीमें निगरानी कर रही हैं। घर-घर जाकर जांच की जा रही है और गंभीर मरीजों को अस्पताल भेजा जा रहा है।

20 स्वास्थ्य टीमें लगातार कर रही काम

बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच और उपचार में जुटा है। कुंडेकसा के सरकारी स्कूल में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है, जहां ग्रामीणों को उपचार दिया जा रहा है। MP News मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक 20 स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जबकि 10 मेडिकल ऑफिसरों की टीमें भी निगरानी बनाए हुए हैं।

झाड़-फूंक पर भरोसा भी इलाज में देरी

स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं और बुखार, दस्त या संक्रमण के लक्षण मिलने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, कुछ ग्रामीणों में झाड़-फूंक पर भरोसा भी इलाज में देरी की वजह बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय गंवाए बिना अस्पताल पहुंचें। फिलहाल विभाग का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रभावित गांवों में निगरानी और उपचार का सिलसिला लगातार जारी है।

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