Reported By: Hiten Chauhan
,Balaghat Hinglaj Mata/Image Source: IBC24
बालाघाट: Balaghat Hinglaj Mata: नवरात्रि पर्व पर हर जगह आस्था का सागर उमड़ रहा है। बालाघाट जिले के कोसमी गांव में भी मां हिंगलाज की पूजा-अर्चना के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां स्थित गंगा-जमुना मंदिर को सिद्ध पीठ माना जाता है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है।
बालाघाट जिले के कोसमी गांव में स्थित गंगा-जमुना मंदिर, जिसे हिंगलाज माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, आस्था और विश्वास का केंद्र है। करीब 300 साल से भी अधिक प्राचीन यह मंदिर एक सिद्ध पीठ के रूप में स्थापित है। मान्यता है कि यहां मां हिंगलाज की कृपा से हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। यहीं पर भैरव बाबा और काली माता के भी प्राचीन मंदिर स्थित हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बिना इनकी पूजा-अर्चना के मां हिंगलाज के दर्शन अधूरे माने जाते हैं।
Balaghat Hinglaj Mata: मां हिंगलाज का प्रमुख मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित है, लेकिन भारत में चुनिंदा स्थानों पर भी मां हिंगलाज की उपासना होती है और उन्हीं चुनिंदा स्थलों में शामिल है बालाघाट का कोसमी गांव। माता रानी की उपासना का पर्व नवरात्र चल रहा है और इस पावन अवसर पर यहां भक्तों का तांता लगा हुआ है। मान्यता है कि मां हिंगलाज की कृपा से हर साधक की मनोकामना पूर्ण होती है और यही आस्था इस मंदिर को विशेष बनाती है।