Balaghat Hinglaj Mata: भारत में भी है मां हिंगलाज का चमत्कारी धाम! पाकिस्तान के बलूचिस्तान जैसी आस्था अब बालाघाट में, जानिए इस मंदिर की खासियत

Balaghat Hinglaj Mata: भारत में भी है मां हिंगलाज का चमत्कारी धाम! पाकिस्तान के बलूचिस्तान जैसी आस्था अब बालाघाट में, जानिए इस मंदिर की खासियत

  • Reported By: Hiten Chauhan

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  • Publish Date - September 29, 2025 / 03:16 PM IST,
    Updated On - September 29, 2025 / 03:16 PM IST

Balaghat Hinglaj Mata/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • 300 साल पुराना मंदिर बना आस्था का प्रतीक,
  • बलूचिस्तान जैसी श्रद्धा बालाघाट के कोसमी में,
  • हिंगलाज माता के दरबार में पूरी होती हैं मनोकामनाएं,

बालाघाट: Balaghat Hinglaj Mata: नवरात्रि पर्व पर हर जगह आस्था का सागर उमड़ रहा है। बालाघाट जिले के कोसमी गांव में भी मां हिंगलाज की पूजा-अर्चना के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यहां स्थित गंगा-जमुना मंदिर को सिद्ध पीठ माना जाता है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है।

बालाघाट जिले के कोसमी गांव में स्थित गंगा-जमुना मंदिर, जिसे हिंगलाज माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, आस्था और विश्वास का केंद्र है। करीब 300 साल से भी अधिक प्राचीन यह मंदिर एक सिद्ध पीठ के रूप में स्थापित है। मान्यता है कि यहां मां हिंगलाज की कृपा से हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। यहीं पर भैरव बाबा और काली माता के भी प्राचीन मंदिर स्थित हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बिना इनकी पूजा-अर्चना के मां हिंगलाज के दर्शन अधूरे माने जाते हैं।

Balaghat Hinglaj Mata: मां हिंगलाज का प्रमुख मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित है, लेकिन भारत में चुनिंदा स्थानों पर भी मां हिंगलाज की उपासना होती है और उन्हीं चुनिंदा स्थलों में शामिल है बालाघाट का कोसमी गांव। माता रानी की उपासना का पर्व नवरात्र चल रहा है और इस पावन अवसर पर यहां भक्तों का तांता लगा हुआ है। मान्यता है कि मां हिंगलाज की कृपा से हर साधक की मनोकामना पूर्ण होती है और यही आस्था इस मंदिर को विशेष बनाती है।

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"मां हिंगलाज मंदिर कोसमी" कहाँ स्थित है?

मां हिंगलाज का मंदिर बालाघाट जिले के कोसमी गांव में स्थित है।

"मां हिंगलाज मंदिर कोसमी" को सिद्ध पीठ क्यों कहा जाता है?

यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है और मान्यता है कि यहां मां हिंगलाज की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, इसीलिए इसे सिद्ध पीठ माना जाता है।

"मां हिंगलाज मंदिर कोसमी" में और किन देवी-देवताओं की पूजा होती है?

यहां भैरव बाबा और काली माता के भी प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी पूजा करना मां हिंगलाज की पूजा का आवश्यक हिस्सा माना जाता है।

क्या "मां हिंगलाज मंदिर कोसमी" का पाकिस्तान में स्थित मंदिर से कोई संबंध है?

हां, मां हिंगलाज का मुख्य मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान में है, लेकिन भारत में कुछ चुनिंदा स्थानों पर उनकी उपासना होती है, जिनमें कोसमी गांव प्रमुख है।

"मां हिंगलाज मंदिर कोसमी" में नवरात्रि के दौरान क्या विशेष होता है?

नवरात्रि में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।