MP Agriculture News : प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी घोषणा , मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन, घर बैठे मिलेगी बैंकिंग सेवा, कोदो-कुटकी पर मिलेगा बोनस

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर और कलेक्टर्स को “किसान कल्याण वर्ष–2026” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों का समग्र कल्याण सरकार का मिशन है और इसे मिशन मोड में ज़मीन पर उतारा जाए।

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 08:19 PM IST

MP Agriculture News / Image Source : MPDPR

HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए।
  • पराली/नरवाई जलाने पर सख्ती, भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के निर्देश।
  • प्राकृतिक व जैविक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर।

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर-कलेक्टर्स के साथ बैठक कर “किसान कल्याण वर्ष – 2026” के लक्ष्य पर केंद्रित कार्यों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

किसानों का जीवन संवारना हमारा कर्तव्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो सबका उदर-पोषण करते हैं, उनके दुख-दर्द की चिंता करना हमारा कर्तव्य है। किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सरकार के लिए एक मिशन है। सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) घोषित किया है। किसानों का जीवन संवारने और इनकी बेहतरी के लिए पूर्ण समर्पित भाव से मिशन मोड में कृषि वर्ष का बेहद प्रभावकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कृषि वर्ष के दौरान किसान रथ चलाये जाएं। इनका शुभारंभ स्थानीय सांसद/विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से ही कराएं। उन्होंने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को छोटे-छोटे स्थानों पर बुलाकर उनसे निरंतर संवाद करें। उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिकाधिक रकबे/मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करें। जलवायु, ऊर्जा एवं सतत् कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल एवं किसानों को संतुलित मात्रा में भी उर्वरकों का उपयोग के लिए जागरूक किया जाए। आकांक्षी जिलों में चल रही प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए। दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए हर जरूरी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे अपने जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करें।

CM Mohan Yadav News पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर लगाएं रोक, किसानों से कहें कि वे खेत का भूसा गौशालाओं में पहुंचाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अकुंश लगाएं। अपने-अपने जिले का नरवाई प्रबंधन प्लान बनाएं। खेतों से निकलने वाली पराली/भूसे का समुचित उपयोग होना चाहिए। फसलों के अवशेष से गोबर से कंपोजिट बायोगैस संयंत्रों की स्थापना की जाए। सभी कलेक्टर्स विधानसभा स्तर पर यह तय करें कि किसानों द्वारा खेत से निकली पराली और भूसा निकटतम छोटी-बड़ी गौशालाओं में ही पहुंचाया जाए। इससे गौवंश को ताजे आहार का लाभ मिलेगा। कृषि से जुड़े विभागों और इस क्षेत्र में प्रगतिशील स्वयंसेवी संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर किसानों के कल्याण के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है।

MP Agriculture News Today कृषि वर्ष की कार्ययोजना पर करें अमल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि कृषि वर्ष के लिये तय की गई कार्ययोजना का फील्ड में बेहतर तरीके से अमल किया जाए। इस दौरान विशेष अभियान चलाया जाए। छोटे-बड़े कार्यक्रम भी किए जाएं। निचले स्तर पर किसानों से सघन सम्पर्क स्थापित किया जाए। सभी हितग्राहियों का सत्यापन एवं सहयोग भी लिया जाए। नए हितग्राहियों का चयन भी इस दौरान किया जाए। प्रचलित सभी योजनाओं, नीति-नियम एवं निर्देशों का सरलीकरण एवं सुधार की कार्यवाही की जाए।

मार्च में होगा राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन

मुख्यमंत्री ने कृषि वर्ष के आयोजन के दौरान होने वाली माहवार गतिविधियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फरवरी के पहले सप्ताह में डिंडोरी जिले में कोदो-कुटकी का बोनस वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन के जरिए किसानों को नये कृषि ऋण देने के अलावा कृषक न्याय मित्र योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इस सम्मेलन से जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के जरिए किसानों को डोर स्टेप बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की शुरुआत भी की जाएगी।

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किसान कल्याण वर्ष–2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

किसानों के जीवन स्तर में सुधार, कृषि आय बढ़ाना, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना और कृषि आधारित उद्योगों का विकास करना।

किसानों को किन फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा?

ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर मूंगफली और उड़द, साथ ही दलहनी व तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

पराली और नरवाई प्रबंधन को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं?

पराली/नरवाई जलाने पर सख्त रोक, जिलेवार नरवाई प्रबंधन प्लान बनाने और भूसा गौशालाओं व बायोगैस संयंत्रों में उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।