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Samvida Karmchari Niyamitikaran: संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण की टेंशन खत्म! भाजपा सरकार ने बजट 2026 से पहले लिया बड़ा फैसला, सीएम ने किया ऐलान
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Samvida Karmchari Ka Niyamitikaran Kab Hoga: संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण की टेंशन खत्म! भाजपा सरकार ने बजट 2026 से पहले लिया बड़ा फैसला, सीएम ने किया ऐलान
Publish Date - January 31, 2026 / 09:38 AM IST,
Updated On - January 31, 2026 / 09:40 AM IST
Samvida Karmchari Niyamitikaran: संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की टेंशन खत्म! भाजपा सरकार ने बजट 2026 से पहले लिया बड़ा फैसला / Image: IBC24 Customized
HIGHLIGHTS
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ
संविदा कर्मियों के अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी
भोपाल:Samvida Karmchari Ka Niyamitikaran Kab Hogaमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है। आपके श्रम और साझेदारी ने ही शासन-प्रशासन की व्यवस्था बनाई रखी है। संविदाकर्मी अनुबंध से अवश्य आते हैं, किन्तु व्यवस्थाओं के प्रबंधन में विराट भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं हों या शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय या तकनीकी सेवाएं मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदा भाई-बहन हर जगह व्यवस्था के भरोसेमंद स्तंभ बनकर खड़े हैं। संविदाकर्मियों ने जिस निष्ठा से काम किया है, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा पद से बड़ी है।
‘संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन’
Samvida Karmchari Ka Niyamitikaran Kab Hoga उन्होंने आगे कहा कि संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं। भारतीय मजदूर संघ के ‘देश के हित में करेंगे काम’ के वाक्य को हमारे साथी चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के ‘संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा भारत माता और श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर पुष्प वर्षा कर और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया।
संविदा कर्मियों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी: सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी। संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा। मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों। संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी।
संविदा कर्मचारियों के लिए सीएम मोहन यादव ने किए ये ऐलान
10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा। राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे।
संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा।
विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा।
कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने संविदाकर्मियों को 'आत्मबल' क्यों कहा?
क्योंकि स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत और नगरीय निकायों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन का पूरा जिम्मा संविदा कर्मचारियों के कंधों पर है।
50% पदों पर नियमितीकरण का क्या अर्थ है?
इसका मतलब है कि जब भी किसी विभाग में नियमित पदों पर सीधी भर्ती होगी, उनमें से 50% पद उन अनुभवी संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे जो 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं।
क्या केंद्र पोषित योजनाओं (जैसे NHM) के कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा?
हाँ, सीएम ने स्पष्ट ऐलान किया है कि संविदा नीति-2023 का लाभ केंद्र और राज्य दोनों तरह की परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को समान रूप से मिलेगा।
समकक्षता (Equivalence) का विवाद क्या है?
विभिन्न विभागों में समान काम करने के बावजूद संविदा कर्मचारियों के वेतन और पदनाम में अंतर है। अपर मुख्य सचिव की समिति इसी 'समकक्षता' को निर्धारित कर वेतन विसंगति दूर करेगी।
अनुकंपा नियुक्ति का क्या प्रावधान होगा?
संविदा नीति-2023 के तहत, यदि सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो उसके परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने का रास्ता अब साफ हो गया है।