CM Mohan Yadav: हरिद्वार में संतों के बीच पहुँचे सीएम डॉ. मोहन यादव, आदि शंकराचार्य और मध्य प्रदेश के रिश्ते पर कही ऐसी बात कि गूंज उठा सप्तऋषि मैदान

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य का विशेष संबंध रहा है और सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए संत समाज और सरकार मिलकर कार्य कर रहे हैं।

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 06:31 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 06:32 PM IST

CM Mohan Yadav / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • हरिद्वार में संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने सनातन संस्कृति पर दिया जोर
  • जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए दी शुभकामनाएं
  • त्रिदिवसीय गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना महोत्सव में देशभर के संत-महात्मा और गणमान्य अतिथि हुए शामिल

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

CM Mohan Yadav मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का रहा है विशेष संबंध

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है।हरिद्वार स्थित सप्तऋषि मैदान में आयोजित त्रिदिवसीय “गुरुदेव समाधि मन्दिर–मूर्ति स्थापना महोत्सव” के द्वितीय दिवस पर “सन्त सम्मेलन” श्रद्धा, दिव्यता एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन भारत माता मन्दिर के संस्थापक, ब्रह्मलीन करुणामूर्ति, भगवद्पादाचार्य आदि शंकराचार्य की परम्परा के दिव्य संवाहक, वैदिक सनातन धर्म संस्कृति के प्रखर प्रसारक पद्मभूषण, निवृत्त शंकराचार्य, परम पूज्य स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी महाराज की दिव्य स्मृतियों को चिरस्थायी एवं अक्षुण्ण स्वरूप प्रदान करने हेतु आयोजित किया गया है।

CM Mohan Yadav त्रिदिवसीय महोत्सव का आयोजन

यह त्रिदिवसीय महोत्सव भारत माता मन्दिर–समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य, श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ, अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर, आचार्यमहामण्डलेश्वर परम पूज्य स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हो रहा है।

अनेक संत-महात्मा, गणमान्य अतिथि, शासन-प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे

आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान , जम्मू-कश्मीर के महामहिम उपराज्यपाल मनोज सिन्हा , तथा मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय आलोक कुमार , निर्वाणीपीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर विवेकानन्द महाराज, जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, आनन्दपीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर बालकानन्द महाराज, निर्मलपीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर ज्ञानदेव सिंह महाराज सहित अनेक संत-महात्मा, गणमान्य अतिथि, शासन-प्रशासन के अधिकारीगण तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किस कार्यक्रम में शामिल हुए?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना महोत्सव के अंतर्गत संत सम्मेलन में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को नई दिशा देने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और मध्यप्रदेश की धरा से उनका विशेष संबंध रहा है।

इस आयोजन में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि उपस्थित रहे?

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित कई संत-महात्मा और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।