भोपाल: Govt will Search Dead Employees मध्यप्रदेश सरकार की मोहन यादव सरकार ने 5 साल से ड्यूटी से लापता कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सरकारी विभागों में कार्यरत मृत कर्मचारियों को खोजने का फैसला किया है। इस संंबंध में सरकार की ओर से आदेश भी कर दिया गया है। यह आदेश मंत्रालय वल्लभ भवन के वित्त विभाग से जारी किया गया है।
Govt will Search Dead Employees मिली जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने 30 साल पुराने नियमों का हवाला देते हुए कहा हे कि 5 साल तक बिना राज्यपाल की अनुमति अवकाश वाले कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जाएगी। ऐसे कर्मचारियों को वित्त विभाग की ओर से डाइस नॉन कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। डाइस नॉन से जुड़े हुए संबंधित चरणों को विभागीय स्तर के साथ प्रशासकीय स्तर पर निपटाने के लिए भी वित्त विभाग ने संबंधित विभागों को दिए निर्देश।
1. ”राज्य शासन के कार्मिकों की कर्तव्य से लगातार अनुपस्थिति के संबंध में मूलभूत नियम 18 में प्रावधान है कि ‘जब तक कि राज्यपाल मामले की विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुये, अन्यथा विनिश्चित न करे, किसी भी शासकीय सेवक को लगातार 05 वर्ष से अधिक अवधि किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जायेगा।
2. कार्मिक की अनुपस्थित अवधि जो कि अवकाश स्वीकृति से आच्छादित नहीं है, के मृत दिवस (डाइस नोन) के रूप में निराकरण करने के संबंध में विल्ल विभाग के परिपत्र क्रमांक F.G/3/3/94/सी/चार दिनांक 20.12.1994 द्वारा प्रशासकीय विभागों को अधिकार प्रत्यायोजित किये गये हैं।
3. कतिपय विभागों द्वारा यह मानते हुये, कि मृत दिवस (डाइस नॉन) के 05 वर्ष की अवधि तक के निराकरण ही प्रशासकीय विभाग स्तर से किया जा सकता है। इससे अधिक अवधि के प्रकरणों में मंत्रि-परिषद से आदेश प्राप्त किया जाना आवश्यक है, प्रस्ताव वित्त विभाग को परामर्श हेतु भेजे जाते हैं।
4. यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत दिवस (डाइस नॉन) अवधि, अवकाश नियमों से आच्छादित नहीं है। मृत दिवस (डाइस नॉन) अवधि के निराकरण के संबंध में वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश परिपत्र दिनांक 20.12.1994 में अधिकतम सीमा अवधि अंकित नहीं होने से प्रशासकीय विभागों को उक्त अनुक्रम में पूर्ण अधिकार प्रत्यायोजित हैं।
बता दें कि साल 1994 में सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया था विभाग से बिना बताए लापता होने वाले कर्मचारियों के लिए ये आदेश जारी किया था। सरकारी कर्मचारियों के नियमावली की बात करें तो राज्यपाल बिना किसी विशेष परिस्थिति के संबंधित व्यक्ति को 5 साल के लिए अवकाश स्वीकृत नहीं करते।