Home » Madhya Pradesh » Itarsi Nagpur Rail Line: Itarsi-Nagpur fourth rail line gets approval, now Jyotirlinga Yatra will become easier, CM Mohan Yadav expressed gratitude
Itarsi Nagpur Rail Line: इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन को मिली मंजूरी, अब ज्योतिर्लिंग यात्रा और होगी आसान, सीएम मोहन यादव ने जताया आभार
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Itarsi Nagpur Rail Line: इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन को मिली मंजूरी, अब ज्योतिर्लिंग यात्रा और होगी आसान, सीएम मोहन यादव ने जताया आभार
भोपाल : Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन को मंजूरी देने के लिए आभार माना है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दी गई इस मंजूरी से मध्यप्रदेश को विशेष लाभ होगा। Itarsi Nagpur Rail Line
Itarsi Nagpur Rail Line: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिलने से प्रदेश के नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा सहित नागपुर (महाराष्ट्र) को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के महाकालेश्वर-ओंकारेशवर से श्रीशैलम (आंध्रप्रदेश) और रामेश्वरम (तमिलनाडु) तक ज्योतिर्लिंग यात्रा और सहज एवं आसान होगी।
Itarsi Nagpur Rail Line: परियोजना के क्रियान्वयन से हर साल 5.3 करोड़ लीटर डीजल की बचत के साथ ही 10 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी। साथ ही एक हजार 206 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक्स लागत में भी बचत संभावित होगी।
"इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन" मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली एक महत्त्वपूर्ण रेलवे परियोजना है, जिसे केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य माल और यात्री यातायात को तेज़ और सुविधाजनक बनाना है।
"इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन" से किन जिलों को लाभ होगा?
यह परियोजना नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा (मध्यप्रदेश) और नागपुर (महाराष्ट्र) को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचाएगी। इससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।
"ज्योतिर्लिंग यात्रा" पर इस रेल लाइन का क्या प्रभाव पड़ेगा?
"ज्योतिर्लिंग यात्रा" इस परियोजना से सुगम और सरल हो जाएगी क्योंकि यह रेल मार्ग महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर से लेकर श्रीशैलम (आंध्रप्रदेश) और रामेश्वरम (तमिलनाडु) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी में मदद करेगा।
इस परियोजना से "डीजल और लागत की बचत" कैसे होगी?
इसके क्रियान्वयन से हर साल 5.3 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी और 1,206 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी। साथ ही, 10 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता भी विकसित होगी।
"इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन" की मंजूरी किसने दी?
इस परियोजना को भारत सरकार की केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।