MLA Phool Singh Baraiya Controversy: ‘रेप करने से मिलता है तीर्थ यात्रा का फल…खूबसूरत लड़की को देखकर हवस का शिकार बनाने का मन होता है’ कांग्रेस विधायक का महिलाओं को लेकर बिगड़े बोल

MLA Phool Singh Baraiya Controversy: 'रेप करने से मिलता है तीर्थ यात्रा का फल...खूबसूरत लड़की को देखकर हवस का शिकार बनाने का मन होता है' कांग्रेस विधायक का महिलाओं को लेकर बिगड़े बोल

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 09:32 AM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 11:46 AM IST

MLA Phool Singh Baraiya Controversy: 'रेप करने से मिलता है तीथ यात्रा का फल...खूबसूरत लड़की को देखकर हवस का शिकार बनाने का मन होता है' / Image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • SC/ST महिलाओं के साथ संबंध बनाने से तीर्थ यात्रा के बराबर फल मिलता है
  • SC/ST/OBC महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के पीछे कथित धर्मग्रंथों का हाथ
  • उन्होंने SC/ST के जनप्रतिनिधियों की तुलना जानवरों (कुत्तों) से भी की थी

भोपाल: MLA Phool Singh Baraiya Controversy अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले भांडेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक बार फिर सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसा बयान दिया है कि सियासी गलियारे में बवाल मच गया है। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी विधायक बरैया (phool singh baraiya mla) के बयान पर लोग तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फूल सिंह बरैया का कहना है कि रेप करने से मिलता है तीर्थ यात्रा का फल मिलता है। फूल सिंह बरैया का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल एक नामी संस्थान को इंटरव्यू देते हुए फूल सिंह बरैया (MLA Phool Singh Baraiya) ने बात करते हुए कहा कि खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप करने का मन हो जाता है। SC, ST, OBC में सुंदर लड़कियां होती नहीं है, उनके साथ रेप इसलिए होते हैं क्योंकि धर्म ग्रंथो में लिखा है। SC, ST महिलाओं से संबंध बनाने से तीर्थ जितना फल मिलता है ये बातें धर्म ग्रथों में लिखी हुई है। धर्मग्रंथों में लिखा है कि यदि कोई तीर्थ नहीं जा पाते, वे धर्मग्रंथों के अनुसार चलते हैं। घर पर रहते हैं और रात में शेड्यूल कास्ट की लड़की को पकड़ते हैं फिर उसके साथ सहवास करते हैं।

सबसे अहम बात ये है कि फूल सिंह बरैया को जब ये पूछा गया कि ये किस ग्रंथ में लिखा है कि उन्होंने बताया कि ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक में ये बातें लिखी हुई है। बता दें कि इसी हफ्ते में भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में फूल सिंह ने एसटी/एससी लोगों की तुलना जानवरों से की थी। विधायक बरैया यहीं नहीं रुके। उन्होंने आदिवासी इलाकों में हनुमान जी की प्रतिमाएं बांटे जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि आदिवासी हिंदू न बनें, क्योंकि उनकी अलग पहचान है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दे दिया।

फूल सिंह बरैया का विवादों से नाता (MLA Phool Singh Baraiya Controversy)

  • 14 जनवरी 2026: दलित एजेंडा कार्यक्रम में बोले, संयुक्त चुनाव प्रणाली से एससी-एसटी विधायक कुत्ते जैसी हालत में हैं, आदिवासियों को हिंदू न बनने दें।
  • 18 जून 2025: ‘महारानी लक्ष्मीबाई ने आत्महत्या की थी।’ वीरांगना तब कहा जाता है, युद्ध के मैदान में कोई मरता है, लेकिन रानी ने आत्महत्या की थी
  • 5 अक्टूबर 2024: प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी दी, कहा मशीनों का दुरुपयोग या वोट लूटने पर हाथ तोड़ देंगे, आंख फोड़ देंगे।
  • 2 अक्टूबर 2020: वक्त है, नहीं जागे अनुसूचित जाति के लोग तो सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे।

कौन हैं फूल सिंह बरैया? (Who is Phool Singh Baraiya)

फूल सिंह बरैया की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है। हालांकि फूल सिंह पहले बसपा के सदस्य हुआ करते थे, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कमलनाथ की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बरैया किसी ज़माने में बहुजन समाज पार्टी के साथ भी रहे हैं। कमलनाथ के कामों की तारीफ करने वाले बरैया दलित वर्ग से आते हैं।

फूल सिंह बरैया चुनावी सफर

  • 1998: पहली बार भांडेर से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए।
  • 2023: कांग्रेस के टिकट पर भांडेर से पुनः विधायक चुने गए (लगभग 29,438 वोटों के अंतर से जीत)।
  • 2024: उन्होंने भिंड (SC) लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा की संध्या राय से हार गए।

कितने पढ़े लिखे हैं फूल सिंह बरैया

  • जन्म: 1 जनवरी 1962 (वर्तमान आयु लगभग 64 वर्ष)
  • शिक्षा: उन्होंने 1988 में MITS ग्वालियर से B.E. (Mechanical) की डिग्री हासिल की है
  • व्यवसाय: चुनावी हलफनामों के अनुसार उनका मुख्य व्यवसाय कृषि और पेंशन है

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क्या 'रुद्रयामल तंत्र' में वाकई ऐसा कुछ लिखा है?

विद्वानों और जानकारों के अनुसार, धर्मग्रंथों की ऐसी व्याख्या करना न केवल गलत है बल्कि भ्रामक भी है। किसी भी प्रामाणिक ग्रंथ में बलात्कार या शोषण को 'पुण्य' नहीं बताया गया है।

क्या इस बयान पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

हाँ, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में उन पर FIR दर्ज की जा सकती है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) भी इस मामले में संज्ञान ले सकता है।

क्या कांग्रेस पार्टी उन पर कोई एक्शन लेगी?

आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी उन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर सकती है या उन्हें निलंबित कर सकती है, हालांकि अब तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।