MP Raja Hirdeshah School Syllabus: अब स्कूलों के सिलेबस में शामिल होगी इस वीर योद्धा की गाथा, लोधी समाज के कार्यक्रम में सीएम ने किया बड़ा ऐलान, पढ़िए क्या कहा

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MP Raja Hirdeshah School Syllabus: मध्यप्रदेश की राजधआनी भोपाल में आयोजित लोधी समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा हिरदेशाह के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए बड़ा ऐलान किया।

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 04:50 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 04:50 PM IST

mohan yadav/ IMAGE SOURCE: MPINFO ONLINE

HIGHLIGHTS
  • राजा हिरदेशाह पर होगा रिसर्च
  • जीवनी सिलेबस में शामिल होगी
  • हीरापुर तीर्थ रूप में विकसित

MP Raja Hirdeshah School Syllabus: भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधआनी भोपाल में आयोजित लोधी समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा हिरदेशाह के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजा हिरदेशाह के जीवन, उनके संघर्षों और स्वतंत्रता चेतना से जुड़े योगदान पर विस्तृत शोध कराएगी। इसके साथ ही उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को लिपिबद्ध कराया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और त्याग से प्रेरणा ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महान विभूतियों ने समाज और राष्ट्र के लिए संघर्ष किया, उनका इतिहास जन-जन तक पहुंचना चाहिए।

Raja Hirdeshah history: राजा हिरदेशाह पर होगा रिसर्च

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राजा हिरदेशाह केवल एक समाज विशेष के नायक नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की प्रेरणा हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन और अन्याय के खिलाफ जिस साहस से संघर्ष किया, वह इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राजा हिरदेशाह की जीवनी और संघर्ष गाथा को शोध के बाद स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ किताबों में नाम नहीं, बल्कि ऐसे महानायकों की प्रेरक गाथाएं पढ़नी चाहिए, जिन्होंने समाज के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया।

MP latest news: हीरापुर तीर्थ रूप में विकसित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नर्मदा किनारे स्थित हिरदेशाह के स्थान हीरापुर को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यह स्थान केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आस्था का केंद्र भी बनेगा। मुख्यमंत्री ने मंच से साध्वी उमा भारती, प्रहलाद पटेल और अन्य नेताओं के संघर्ष का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज कभी संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी महापुरुषों के योगदान को सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया और इसे समाज के गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला बताया।

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