MP Rajya Sabha Election 2026/Image Credit: IBC24.in
MP Rajya Sabha Election 2026: भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट के चुनाव में सियासत दो दिनों से मथानी की तरह मथ गई। भोपाल और दिल्ली से आईं कांग्रेस की ये दो तस्वीरें और उसमें झुके हुए ये कंधे बता रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव में एकमात्र सीट उनके हाथों से जा चुकी है और ये छीन कर नहीं ली गई है, बल्कि कांग्रेस की तरफ़ से तश्तरी में परोस कर भाजपा को दी गई है। कांग्रेस को दिल्ली में चुनाव आयोग से भी निराशा हाथ लगी। चुनाव आयोग ने निर्वाचन अधिकारी के निर्णय को सही ठहराते हुए कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी। (MP Rajya Sabha Election 2026) यानी मीनाक्षी के नामांकन रद्द होने को लेकर चुनाव आयोग ने भी मुहर लगा दी। इसके बावजूद – कांग्रेस कह रही है कि वो इस लड़ाई को आख़िरी दम तक लड़ेगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि- भाजपा लोकतंत्र का गला घोंटने वाली पार्टी है।
ये भी निर्विवाद सत्य है कि भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारते ही सारे समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए योजना तो बनाई होगी, लेकिन जब आरोपों के छींटे उसके दामन पर आएंगे, तो भाजपा का जवाब यही है कि ये मस ला झूठे शपथ पत्र का है। (MP Rajya Sabha Election 2026) हालांकि सीएम मोहन चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि – मीनाक्षी नटराजन के साथ कांग्रेसियों ने ही साजिश की।
इस पूरे सियासी प्रहसन को लेकर सवाल ही सवाल हैं। सवाल ये कि- क्या कांग्रेस की तरफ़ से मीनाक्षी का नामांकन दाखिल कराने वालों को कानून का ज्ञान नहीं है? (MP Rajya Sabha Election 2026) सवाल ये कि जब धाराएं प्रतिकूल हों तो 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान अक्षय कान्ति बम, और अब मीनाक्षी के वक्त कांग्रेस ने डमी कैंडिडेट क्यूँ नहीं रखा? सवाल ये भी कि मीनाक्षी नटराजन के जुड़े सभी कागज भाजपा को किसने मुहैया कराए? सवाल ये कि-कांग्रेस में क्या जीतू पटवारी की लीडरशिप वाकई लीड करने वाली है?
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