Reported By: Shailendra Singh
,Tunnel View Investigation CBI Twisha Case Bhopal / Image : IBC24
भोपाल : Tunnel View Investigation CBI Twisha Case Bhopal : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा केस की गुत्थी अब भी अनसुलझी बनी हुई है। इस मौत की पूरी पहेली अभी तक सुलझ नहीं पाई है। इस मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई अब ‘टनल व्यू’ इंवेस्टिगेशन (Tunnel View Investigation) कर रही है। इस विशेष तकनीक के जरिए सीबीआई घटना की मिनट-दर-मिनट जांच करेगी। टीम का पूरा फोकस त्विषा की मौत से पहले के हर एक मिनट को खंगालने पर है, जिसके लिए घटना की मिनट-दर-मिनट डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है। इसमें सीसीटीवी, मोबाइल फोन और इंटरनेट डेटा का मिलान कर घटना की सटीक टाइमलाइन तय की जाएगी।
सीबीआई की इस पूरी इन्वेस्टिगेशन का मुख्य केंद्र अब घटना के समय के वो 54 मिनट हैं, जिसका सच यह तय करेगा कि यह हत्या थी या आत्महत्या। एफआईआर के अनुसार, 12 तारीख की रात को 9 बजकर 41 मिनट पर ट्विशा की उसके परिवार वालों से बात हो रही थी, और तब पीछे से समर्थ के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। इसके बाद, रात 10 बजकर 35 मिनट पर जब ट्विशा की भाभी ने दोबारा फोन किया, तो दूसरी आरोपी गिरिबाला ने कहा कि “शी इज़ नो मोर”।
रात 9:41 से लेकर 10:35 के बीच के आखिर इन 54 मिनटों में ऐसा क्या हुआ, सीबीआई अब इसी का डिजिटल रिक्रिएशन कर रही है। इन 54 मिनटों का डिजिटल डेटा और टाइमलाइन का मिलान होने के बाद ही त्विषा की मौत का असली सच और इस पूरे मामले का बड़ा राज सामने आ सकेगा।
‘टनल व्यू’ आपराधिक मामलों में जांच का एक खास तरीका है। इसके तहत जांच एजेंसियां जैसे CBIबयानों की सच्चाई और समय के अंतर को परखने के लिए पूरी घटना का मिनट-दर-मिनट विश्लेषण करती हैं। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर एक पक्की टाइमलाइन बनाई जाती है, जिससे झूठ या छिपाई गई जानकारी तुरंत पकड़ में आ जाती है। साथ ही, इसके तहत घटना स्थल का डिजिटल या भौतिक पुनर्निर्माण भी किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य एक बेहद सटीक और तय दायरे में रहकर सबूतों की हर छोटी से छोटी कड़ी को जोड़ना होता है, ताकि कोई भी जरूरी सुराग न छूटे और केस आसानी से सुलझ सके।