Twisha Sharma Dead Case Bhopal : सात घंटे की पूछताछ, फिर गिरफ्तारी! त्विषा शर्मा डेथ केस में CBI के शिकंजे में आई गिरिबाला सिंह, आज कोर्ट में होगा बड़ा फैसला

Ads

भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा डेथ केस में अब जांच तेज हो गई है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद मामले में बड़ा मोड़ आया है और दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद पूरे मामले में हलचल मच गई है।

  •  
  • Publish Date - May 29, 2026 / 10:28 AM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 01:11 PM IST

Twisha Sharma Dead Case Bhopal / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • त्विषा शर्मा केस में CBI की बड़ी कार्रवाई
  • गिरिबाला सिंह और समर्थ को कोर्ट में किया जाएगा पेश
  • हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत रद्द कर बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल : Twisha Sharma Dead Case Bhopal : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा डेड केस में सीबीआई की जांच टीम कार्यालय पहुंच चुकी है। डिप्टी सुप्रीडेंट निशु कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी सीबीआई दफ्तर पहुंचे हैं। इस मामले में गिरिबाला और समर्थ फिलहाल सीबीआई की कस्टडी में हैं और आज इन दोनों को ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी समर्थ की एक हफ्ते की रिमांड आज खत्म हो रही है, जिसके बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जा रहा है। वहीं, मामले की दूसरी आरोपी गिरिबाला को भी आज ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई द्वारा उसकी रिमांड मांगी जाएगी।

कल सीबीआई पहुंची थी घर और हुई थी गिरफ़्तारी

आपकों बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट ने गिरीरबला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया था। Twisha Sharma Dead Case Bhopal कोर्ट के इस कड़े फैसले के बाद सीबीआई (CBI) की टीम गिरीबाला सिंह को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी और सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की थी। सात घंटे लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार गिरिबाला सिंह को CBI ने गिरफ्तार किया था।

Giribala Singh Jail जाँच से बचाने की कर रही थी कोशिश’

आपको बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट में बुधवार दोपहर 2:30 बजे आरोपी सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई । सुनवाई में हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने दलील दी कि जिला अदालत ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जल्दबाजी में गिरिबाला सिंह को जमानत दे दी। उन्होंने अदालत को बताया कि अग्रिम जमानत मिलने से पहले और बाद में भी गिरिबाला सिंह ने जांच एजेंसी के नोटिसों का जवाब नहीं दिया और लगातार जांच से बचने की कोशिश करती रहीं।

इन्हें भी पढ़ें :