Uma Bharti Latest Tweet: उमा भारती ने दिखाया योगी सरकार को आईना?.. शंकराचार्य विवाद पर कह दिया, “अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है”

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Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand: यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कथित तौर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 12:38 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 12:41 PM IST

Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand || Image- News Arena India FILE

HIGHLIGHTS
  • उमा भारती ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए
  • शंकराचार्य विवाद पर भाजपा में मतभेद
  • यूपी सरकार से समाधान की उम्मीद

भोपाल: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ प्रयागराज माघ मेले में हुई झूमाझटकी और फिर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच पैदा हुए तनाव पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की फायरब्रांड महिला नेता उमा भारती ने ट्वीट किया है।

क्या है उमा भारती का ट्वीट?

उन्होंने लिखा है कि, “मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा, किंतु प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना-यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है। (Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand) यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।”

ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या उमा भारती भी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई से नाराज़ हैं? और क्या उनका यह ट्वीट सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए कोई संदेश था? बहरहाल, इस पूरे मामले में भाजपा दो अलग-अलग खेमों में बंटी हुई नज़र आ रही है। एक धड़ा वह है जो अविमुक्तेश्वरानंद के सरकार और भाजपा विरोधी बयानों से नाराज़ है और प्रयागराज में हुई कार्रवाई को सही मानता है, तो दूसरी तरफ हिंदूवादी विचार के वे नेता हैं जो शंकराचार्य के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से सहमत नहीं हैं। खुद कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल भी भाजपा पर इस मुद्दे को लेकर निशाना साध रहे हैं और सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

सिटी मजिस्ट्रेट को खुला ऑफर

इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बातचीत की। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने निलंबित सिटी मजिस्ट्रट से फोन कॉल पर बात करते हुए कहा कि, “हमारे मन में दो तरह की प्रतिक्रिया आपके समाचार सुनने से हो रही है। एक तो दुःख हो रहा है कि, कितनी लगन और मेहनत से अपने पढ़ाई-लिखाई की होगी और तब जाकर आप इस पद पर आये होंगे, (Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand) आज एक झटके में आपका पद चला गया और दूसरी तरफ सनातन और सनातन के प्रतीकों के प्रति गहन निष्ठा का प्रदर्शन किया है, उससे पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है और आपका अभिनन्दन करता है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि, “हम चाहते है कि, आपके जैसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में आगे आये। जो पद आपको सरकार ने दिया था, उससे बड़ा पद हम आपको धर्म के क्षेत्र में देने के लिए प्रस्ताव करते है”

क्या है सिटी मजिस्ट्रेट का पूरा मामला

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। बरेली मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप

यह कार्रवाई उस घटनाक्रम के बाद हुई है, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कथित तौर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया था और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें जिलाधिकारी आवास पर बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और प्रशासनिक दबाव बनाया गया। (Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand) उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को ‘काला कानून’ करार देते हुए कहा था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

मेल से भेजा था इस्तीफा

यूजीसी के नए नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र के गठन का प्रावधान किया गया है, ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके। (Uma Bharti Latest Tweet Swami Avimukteshwaranand) बताया गया है कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. उमा भारती ने अपने ट्वीट में क्या कहा?

👉 उन्होंने शंकराचार्य से सबूत मांगने को प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन बताया।

Q2. यह विवाद किस घटना के बाद सामने आया?

👉 प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से झूमाझटकी के बाद।

Q3. इस मुद्दे पर भाजपा की क्या स्थिति दिख रही है?

👉 भाजपा इस मामले में दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंटी हुई नजर आ रही है।