Made in India C-295 First Fly: भारत ने हासिल की रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि.. देश में निर्मित पहले C-295 विमान ने भरी उड़ान, देखें Video

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Made in India C-295 First Fly Video: भारत में निर्मित पहले C-295 विमान ने सफल उड़ान भरी, रक्षा विनिर्माण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली।

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  • Publish Date - June 11, 2026 / 11:16 PM IST,
    Updated On - June 11, 2026 / 11:17 PM IST
HIGHLIGHTS
  • भारत में बने पहले C-295 विमान ने सफल पहली उड़ान भरी।
  • वडोदरा स्थित टाटा संयंत्र में तैयार हुआ सैन्य विमान।
  • भारतीय वायुसेना के पुराने An-32 विमानों की जगह लेगा।

नई दिल्ली: भारत में निर्मित पहले C-295 सैन्य परिवहन विमान ने आज अपनी पहली उड़ान भरी। इस उड़ान के साथ ही देश के रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो गई। (Made in India C-295 First Fly) यह विमान गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की फैक्ट्री में तैयार किया गया है।

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दूरसंचार मंत्री ने किया ट्वीट, दी बधाई

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य ने इस उड़ान का वीडियो अपने सोशल मीडिया हेंडल पर शेयर करते हुए प्रसन्नता जताई है। उन्होंने लिखा, भारत की उड़ान, आत्मनिर्भरता की नई पहचान। वडोदरा में निर्मित देश का पहला एयरबस C295 सैन्य विमान की सफल उड़ान आदर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की अभिव्यक्ति है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी देशवासियों, भारतीय कारखानों, सभी कारखानों, कारखानों और इससे जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई।”

दरअसल यह पूरी परियोजना भारत और एयरबस के बीच वर्ष 2021 में हुए 3.5 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत कुल 56 C-295 विमान भारतीय वायुसेना को दिए जाने हैं। (Made in India C-295 First Fly) इनमें से 16 विमान स्पेन से तैयार हालत में आएंगे, जबकि शेष 40 विमानों का निर्माण और असेंबली भारत में किया जाएगा। सभी विमानों की डिलीवरी वर्ष 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है।

पुराने An-32 विमानों की जगह लेगा C-295

C-295 विमान भारतीय वायुसेना के पुराने An-32 परिवहन विमानों का स्थान लेने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत अधिक भार वहन क्षमता है। यह विमान 9,000 किलोग्राम तक सामान ले जा सकता है, जबकि An-32 की क्षमता 6,700 किलोग्राम है। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम और डिजिटल कॉकपिट लगाया गया है, जिससे सुरक्षा, संचालन क्षमता और निगरानी में सुधार होगा। यह केवल परिवहन कार्य ही नहीं, बल्कि समुद्री निगरानी, टोही अभियान और मेडिकल इवैक्यूएशन जैसे कई मिशनों को भी अंजाम दे सकता है।

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नौसेना और तटरक्षक बल को भी मिलेंगे विमान

भारत सरकार ने मूल 56 विमानों के अलावा 15 अतिरिक्त C-295 विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है। इनमें से 9 विमान भारतीय नौसेना को समुद्री निगरानी कार्यों के लिए दिए जाएंगे, जबकि 6 विमान भारतीय तटरक्षक बल को मिलेंगे। (Made in India C-295 First Fly) इस परियोजना से भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिला है। वर्तमान में लगभग 13,400 पुर्जे और 4,600 सब-असेंबली देश में ही तैयार की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले स्पेन में होने वाले 96 प्रतिशत से अधिक कार्य अब भारत में किए जा रहे हैं।

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Q1. भारत में निर्मित पहला C-295 विमान कहां तैयार किया गया?

Ans: यह विमान गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स संयंत्र में तैयार किया गया।

Q2. C-295 विमान भारतीय वायुसेना में किसकी जगह लेगा?

Ans: यह भारतीय वायुसेना के पुराने An-32 परिवहन विमानों का स्थान लेगा।

Q3. C-295 परियोजना के तहत कुल कितने विमान मिलेंगे?

Ans: भारतीय वायुसेना को कुल 56 C-295 विमान दिए जाएंगे, जिनकी डिलीवरी 2031 तक होगी।

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