MLA Pritam Lodhi Latest News: पुलिस और SP को धमकी देने वाले भाजपा MLA की बढ़ी मुश्किलें, पार्टी ने थमाया ये नोटिस, इतने दिनों के भीतर मांगा जवाब

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पुलिस और SP को धमकी देने वाले भाजपा MLA की बढ़ी मुश्किलें, पार्टी ने थमाया ये नोटिस, BJP action against MLA Pritam Lodhi

  • Reported By: Vivek Pataiya

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 05:25 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 12:22 AM IST

भोपालः MLA Pritam Lodhi Latest News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के विवादित बयान पर अब पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें एक नोटिस जारी किया और तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विगत दिनों आपके द्वारा अत्यंत आपत्तिजनकर आचरण किया गया है। यह पार्टी के अनुशासन से अनुरूप नहीं है। तीन दिनों के भीतर इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण दे, नहीं तो आपके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

दरअसल, पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे ने थार से कुछ लोगों को टक्कर मार दी थी। इसे लेकर प्रीतम लोधी ने कहा था कि एक्सीडेंट कभी जानबूझकर नहीं होता है। एक्सीडेंट तो एक्सीडेंट होता है। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें एसपी द्वारा कहा गया है कि आपको यहां चुनाव नहीं लड़ना है, ये दिल्ली से फरमान है। उन्होंने एसपी से सवाल पूछते हुए कहा कि आपको दिल्ली से कौन भेज रहा है? मोदी, शाह या फिर सिंधिया.. आपको फरमान कौन भेज रहा है?.“मुझे स्पष्टीकरण दीजिए कि दिल्ली से आदेश कौन दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जवाब नहीं आया तो मैं 10 हजार आदमी लेकर आऊंगा और करैरा एसडीओपी के बंगले को गोबर से भरवा दूंगा।

प्रीतम लोधी का भी विवादों से नाता

बता दें कि प्रीतम लोधी का नाम पहले भी आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। जानकारी के अनुसार उनके खिलाफ पहला मामला साल 1976 में दर्ज हुआ था, जब उन पर बलवा और मारपीट के आरोप लगे थे। इसके बाद से अब तक प्रीतम लोधी पर हत्या के तीन और हत्या के प्रयास के चार मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा उन पर लूट, बलवा, अपहरण और घर में घुसकर मारपीट सहित कई धाराओं में केस दर्ज बताए जाते हैं। साल 2022 में ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी से बाहर कर दिया गया था। हालांकि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लोधी बहुल सीटों पर वोट कटने के डर से उनकी पार्टी में वापसी कराई गई थी।

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